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महाराष्ट्र : ठाणे शहर की इमारतों में दरारें; प्रशासन ने परिसर को छोड़ने का फैसला किया

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इस आवासीय परिसर में 250 परिवार रहते थे और सभी परिवारों को इन पांच इमारतों से निकाल लिया गया है |

उत्तराखंड के जोशीमठ और महाराष्ट्र के ठाणे में इमारतों में दरारें आने की खबरें आई हैं। तीनों मामलों में, यह माना जाता है कि दरारें इमारतों की नींव पर उनके वजन के तनाव के कारण हुई थीं। इन इमारतों के निवासियों को तब बेदखल कर दिया गया था। जोशीमठ में, कथित तौर पर लगभग 250 परिवार प्रभावित इमारतों में रह रहे हैं।

भवन में दरारें नजर आने पर अधिकारियों को चिंता हुई। इसके बाद उन्होंने फायर ब्रिगेड, पुलिस और नगर निगम के अधिकारियों से संपर्क किया। वे सभी कॉम्प्लेक्स में मौजूद हैं और जांच कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि घरों की छतों पर भी दरारें देखी गई हैं |

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शहर की इमारतों में दरारें

उत्तराखंड के जोशीमठ में दर्जनों घरों में दरारें देखी गई :

बता दें कि इससे पहले उत्तराखंड के जोशीमठ में ऐसी ही समस्या का लोगों को सामना करना पड़ा। उत्तराखंड के जोशीमठ में दर्जनों घरों में दरारें देखी गई और ये काफी बड़ी थी। इसके बाद प्रशासन ने राहत बचाव कार्य शुरू किया। कई परिवारों को सरकार ने शिफ्ट किया और राहत सामग्री बांटी गई। यह मामला काफी सुर्खियों में छाया रहा।

इस घटना के बाद हलचल भी तेज हो गई और लोग घटना को जोशीमठ से जोड़ने लगे। इस घटना को लेकर सिविक सब फायर ऑफिसर नामदेव चौधरी ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए कहा, “इन पांचों इमारतों को साल 1998 में बनाया गया था। यह कल्याण डोंबिवली नगर निगम द्वारा बनाए गए खतरनाक इमारतों की सूची में नहीं है। इन इमारतों का एक बार फिर निरीक्षण किया जाएगा और फिर आगे कोई कदम उठाया जाएगा।”

इमारतों में आई दरारों के कारण कुछ लोग डर गए, लेकिन किसी को चोट नहीं आई और सभी लोग परिसर छोड़ कर चले गए। प्रशासन को इन निवासियों के लिए कोई आवास नहीं मिला है, इसलिए वे सभी रहने के लिए अन्य स्थान खोजने में सक्षम हैं।

इससे पहले उत्तराखंड के जोशीमठ में काफी घरों में दरारें आ गई थीं। प्रशासन ने राहत कार्य शुरू किया और कई परिवारों को स्थानांतरित किया गया। यह एक बड़ा मुद्दा बन गया।

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