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    क्रॉस

    राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों पर कांग्रेस सख्त रुख अपनाए हुए है। ओडिशा में तीन विधायकों को निलंबित करने के बाद पार्टी अब हरियाणा में भी कड़ा कदम उठाने की तैयारी में है और आरोपित विधायकों को कारण बताओ नोटिस जारी करेगी। यह जानकारी कांग्रेस महासचिव और हरियाणा प्रभारी बीके हरिप्रसाद ने दी। गौरतलब है कि ओडिशा में पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के बाद सोफिया फिरदौस, रमेश जेना और दशरथी गमांग को पार्टी व्हिप की अवहेलना और भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के पक्ष में क्रॉस वोटिंग के आरोप में निलंबित कर दिया।

    हरियाणा से राज्यसभा चुनाव में भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के करमवीर सिंह बौद्ध निर्वाचित घोषित हुए। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस के पांच विधायकों ने कथित तौर पर क्रॉस वोटिंग की, जिससे चुनावी समीकरण प्रभावित हुए। बताया जा रहा है कि अगर एक और कांग्रेस विधायक ने निर्दलीय उम्मीदवार के पक्ष में वोट किया होता, तो मुकाबला और दिलचस्प हो सकता था। इस बीच, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि पार्टी के साथ विश्वासघात करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 90 सदस्यीय हरियाणा विधानसभा में भाजपा के 48, कांग्रेस के 37, इनेलो के 2 और 3 निर्दलीय विधायक हैं, ऐसे में क्रॉस वोटिंग ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है।

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    क्रॉस वोटिंग पर सियासी संग्राम, कांग्रेस का एक्शन और नेताओं के तीखे बयान

    कांग्रेस के हरियाणा प्रभारी महासचिव बीके हरिप्रसाद ने कहा कि क्रॉस वोटिंग करने और पार्टी के साथ विश्वासघात करने वाले विधायकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि वह किसी का नाम नहीं लेंगे, लेकिन जनता सब समझ चुकी है और ऐसे नेताओं को जवाब देगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विजयी उम्मीदवारों को बधाई देते हुए कहा कि मुकाबला बेहद करीबी रहा और भाजपा समर्थित नांदल बहुत कम अंतर से हार गए। उन्होंने यह भी बताया कि कांग्रेस के पांच विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की, जिनमें से चार वोट अमान्य घोषित कर दिए गए।

    ओडिशा में कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के दौरान भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय के पक्ष में मतदान करने पर अपने तीन विधायकों को निलंबित कर दिया। पार्टी ने बयान जारी कर बताया कि इन विधायकों ने क्रॉस वोटिंग कर राय की जीत में अहम भूमिका निभाई। निलंबित विधायकों में रमेश चंद्र जेना, दशरथी गोमांगो और सोफिया फिरदौस शामिल हैं। पार्टी के अनुसार, इन नेताओं ने राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी व्हिप का उल्लंघन किया। निलंबन की घोषणा करते हुए कांग्रेस ने कहा कि जो लोग पार्टी के साथ विश्वासघात करते हैं, वे राष्ट्र के साथ भी विश्वासघात करते हैं।

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