जबलपुर के मझौली थाना क्षेत्र में जमीनी विवाद ने दर्दनाक मोड़ ले लिया। दरअसल, आरोप है कि रिश्तेदारों ने गर्भवती महिला के साथ मारपीट की। इसके बाद एक युवक ने महिला के पेट पर लात मारी। इस वारदात में गर्भ में पल रहे शिशु की मौत हो गई। घटना के बाद महिला ने पुलिस से न्याय की मांग की। पीड़िता ने बताया कि विवाद जमीन को लेकर शुरू हुआ था। वहीं, महिला ने मामा, मामी और उनके बेटे पर हमला करने का आरोप लगाया। मामी ने कथित तौर पर उसके हाथ पकड़ लिए। इसके बाद दुर्गेश साहू ने पेट पर जोरदार लात मारी। इससे महिला की हालत बिगड़ गई। तुरंत परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। फिलहाल, पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस बीच पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। साथ ही, अधिकारी सभी पक्षों के बयान दर्ज कर रहे हैं।
मारपीट के बाद महिला को गंभीर हालत में जबलपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। वहां डॉक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू किया। हालांकि, गर्भ में पल रहे बच्चे को बचाया नहीं जा सका। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने शिशु की मौत की पुष्टि की। इसके बाद महिला करीब एक सप्ताह तक अस्पताल में भर्ती रही। इस दौरान डॉक्टर लगातार उसकी निगरानी करते रहे। घटना के समय पीड़िता चार महीने की गर्भवती थी। इसलिए परिवार को गहरा सदमा लगा। इसके बाद महिला ने पुलिस अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई। उसने आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई। वहीं, परिवार ने दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की। फिलहाल, महिला की हालत में सुधार बताया जा रहा है। दूसरी ओर, पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
पेट पर लात से गर्भस्थ शिशु की मौत
मामले में पुलिस पहले ही प्राथमिकी दर्ज कर चुकी है। साथ ही, पीड़िता का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजू बेनीवाल ने जांच की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जांच अभी जारी है। हालांकि, गर्भस्थ शिशु की मौत की पुष्टि जांच के बाद होगी। फिलहाल, पुलिस मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। इसके अलावा अधिकारी अन्य साक्ष्य भी जुटा रहे हैं। इस बीच शासन ने निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। जांच अधिकारी सभी संबंधित लोगों के बयान दर्ज कर रहे हैं। यदि आरोप सही पाए गए, तो पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। वहीं, अधिकारियों ने दोषियों को नहीं बख्शने का भरोसा दिया। आखिरकार, जांच पूरी होने के बाद अगली कार्रवाई तय होगी। कानून के अनुसार सभी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।
न्याय की मांग, दोषियों पर कार्रवाई का इंतजार
पीड़िता के पति ने जमीन विवाद को घटना की मुख्य वजह बताया। उनके अनुसार उन्होंने अपने मामा-मामी से जमीन वापस मांगी थी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया। आरोप है कि मामा-मामी ने घर के पास लगा नल उखाड़ दिया। फिर उनके साथ मारपीट भी की गई। हालांकि, पति ने पहले पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। बाद में उन्होंने पारिवारिक मामला समझकर शिकायत वापस ले ली। इसी बीच उनके मामा को भी चोट लगी। इसलिए उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। तभी पत्नी का फोन आया। उसने हमले की जानकारी दी। जब वह घर पहुंचे, तब पत्नी की हालत गंभीर थी। इसके बाद उन्होंने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया। दुर्भाग्यवश, इलाज के बावजूद गर्भ में पल रहे बच्चे को बचाया नहीं जा सका।
घटना के बाद इलाके में इस मामले की काफी चर्चा हो रही है। वहीं, पीड़ित परिवार लगातार सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है। परिवार ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग उठाई। उनका कहना है कि हमले से उन्हें अपूरणीय क्षति हुई है। दूसरी ओर, पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है। इसके लिए अधिकारी मेडिकल रिपोर्ट की जांच कर रहे हैं। साथ ही, अन्य साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं। इसके अलावा प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। यदि आरोप प्रमाणित हुए, तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। फिलहाल, पीड़िता का परिवार न्याय मिलने की उम्मीद कर रहा है। वहीं, अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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