कुलगाम के किल्लम इलाके में आतंकवादियों ने गैर-कश्मीरी मजदूरों पर गोलीबारी की, जिसमें एक मारा गया। हमले में छत्तीसगढ़ निवासी दीपक की मौत हुई, जबकि घायल भूपेंद्र कुमार अस्पताल में उपचाराधीन है।
आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने इस हमले की जिम्मेदारी लेकर सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ाई है। हमले के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी करके हमलावरों की तलाश शुरू कर दी। सुरक्षाबल आतंकियों को पकड़ने के लिए आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चला रहे हैं। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने हमले की निंदा करते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने सुरक्षाबलों को ऑपरेशन तेज करके हमलावर आतंकियों को जल्द खत्म करने का निर्देश दिया। सिन्हा ने घायल मजदूर को अस्पताल पहुंचाने और परिवार की मदद करने की जानकारी दी।
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आतंकियों के खिलाफ सुरक्षाबलों की कार्रवाई तेज
उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना जताई और घायल मजदूर के स्वस्थ होने की कामना की। यह हमला ऐसे समय हुआ जब सुरक्षाबलों ने कुलगाम में हथियारों की खेप बरामद की। बुधवार को कुलगाम पुलिस, राष्ट्रीय राइफल्स और सीआरपीएफ ने एक संयुक्त तलाशी अभियान चलाया था। तंत्रिपोरा-सुरसनू के बागों में सुरक्षाबलों ने भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया। पुलिस ने कहा कि बरामदगी ने आतंकियों की शांति भंग करने की साजिश नाकाम की।
30 जुलाई को सुरक्षाबलों ने राजौरी के जंगलों में आतंकी ठिकाने का भी भंडाफोड़ किया। संयुक्त टीम ने वहां राशन, खाना पकाने के बर्तन और अन्य जरूरी सामान बरामद किया। घने जंगलों और झाड़ियों की आड़ में आतंकियों ने ठिकाना बनाकर छिपने की कोशिश की। सुरक्षाबल जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चला रहे हैं। हालिया तलाशी में दूरदराज इलाके से आईईडी, कपड़े और खाने-पीने का सामान भी मिला था। थानामंडी में सुरक्षाबलों ने भूमिगत ठिकाने से यूबीजीएल, गोला-बारूद बक्सा और मेडिकल सामान बरामद किया। 23 मई को सुरक्षाबलों ने गुफाओं से एके-47, पिस्तौल और विस्फोटक सामग्री बरामद की थी।

