कश्मीर के बडगाम जिले में सुरक्षाबलों ने देर रात आतंकवादियों के खिलाफ अभियान चलाया। सुरक्षाबलों ने पलमैडेन मुगपथरी के ऊंचाई वाले जंगल क्षेत्र में तलाशी शुरू की। जवानों ने इलाके में संदिग्ध गतिविधियां देखीं और आतंकियों को चुनौती दी। आतंकियों ने चुनौती मिलते ही सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू कर दी। जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए भारी गोलीबारी की। मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबलों ने एक आतंकवादी को मार गिराया। सूत्रों ने मारे गए आतंकी की पहचान लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर फौजी मूसा के रूप में बताई। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक इस पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ के बाद इलाके में अपनी मौजूदगी बढ़ा दी। उन्होंने संभावित ठिकानों और जंगल के रास्तों पर निगरानी तेज कर दी। अतिरिक्त जवानों ने भी अभियान में मोर्चा संभाल लिया।
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बडगाम में भीषण गोलीबारी के बाद सुरक्षाबलों ने घेराबंदी बढ़ाई
सेना ने मध्य कश्मीर के कोराग और यूसमर्ग क्षेत्र में अभियान शुरू किया। सुरक्षाबलों ने आतंकियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने के बाद तलाशी अभियान चलाया। जवानों ने जंगलों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी। तलाशी के दौरान सुरक्षाबलों ने कुछ संदिग्ध हलचल देखी। जवानों ने आतंकियों को बाहर आने की चेतावनी दी। आतंकियों ने इसके जवाब में जवानों पर गोलियां चला दीं। सुरक्षाबलों ने तुरंत जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक गोलीबारी चली। जवानों ने इस कार्रवाई में एक आतंकवादी को मार गिराया। इसके बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी और मजबूत कर दी। जवानों ने जंगल से बाहर निकलने वाले संभावित रास्तों पर भी निगरानी बढ़ाई। अधिकारियों ने इलाके में अतिरिक्त सुरक्षाबल भेजे। जवान अब आसपास के जंगलों में छिपे अन्य आतंकियों की तलाश कर रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां अभियान के दौरान हर गतिविधि पर नजर रख रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, फौजी मूसा लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की तलाश सूची में शामिल था। अधिकारियों के मुताबिक, मूसा ने जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी गतिविधियों में भूमिका निभाई थी। सुरक्षा एजेंसियों ने पीर पंजाल पर्वतमाला के दोनों ओर उसकी गतिविधियों पर नजर रखी। सूत्रों ने बताया कि मूसा सितंबर में यूसमर्ग की पहाड़ियों में हुई मुठभेड़ से बच निकला था। उस अभियान में सुरक्षाबलों ने उसके करीबी सहयोगी यासिर को मार गिराया था। यासिर को सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तानी आतंकी बताया था। यूसमर्ग मुठभेड़ के बाद जवानों ने मूसा की तलाश तेज कर दी। सुरक्षा एजेंसियों ने जंगलों और संभावित ठिकानों पर लगातार निगरानी रखी। जवानों ने कई इलाकों में तलाशी अभियान भी चलाए। इसी दौरान सुरक्षाबलों को बडगाम के जंगल क्षेत्र में आतंकियों की मौजूदगी की जानकारी मिली।
2022 में कश्मीर पहुंचने का दावा
सूत्रों के अनुसार, मूसा वर्ष 2022 में घुसपैठ के जरिए कश्मीर घाटी पहुंचा था। इसके बाद उसने कथित तौर पर क्षेत्र में अपना नेटवर्क सक्रिय किया। सुरक्षा एजेंसियों ने उस पर युवाओं को आतंकी संगठनों में शामिल करने का आरोप लगाया। अधिकारियों ने पीर पंजाल क्षेत्र में उसकी गतिविधियों से जुड़ी जानकारी जुटाई। सूत्रों ने मूसा को कई आतंकी हमलों से भी जोड़ा। जानकारी के अनुसार, लश्कर-ए-तैयबा में शामिल होने से पहले मूसा पाकिस्तानी एसएसजी कमांडो था। सुरक्षा एजेंसियों ने उसकी गतिविधियों पर लंबे समय तक नजर रखी। जवानों ने उसके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाने के लिए खुफिया नेटवर्क सक्रिय किया। सितंबर में यूसमर्ग मुठभेड़ के बाद एजेंसियों ने उसकी तलाश और तेज कर दी। उस अभियान में सुरक्षाबलों ने उसके करीबी सहयोगी यासिर को मार गिराया था।
बडगाम के जंगलों में सुरक्षाबलों ने अभियान अभी जारी रखा है। जवान इलाके में छिपे अन्य आतंकियों की तलाश कर रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने अभियान को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त बल मौके पर भेजे हैं। जवान जंगलों के अंदर संभावित ठिकानों की जांच कर रहे हैं। उन्होंने आसपास के रास्तों और संवेदनशील इलाकों पर निगरानी बढ़ा दी है। सुरक्षाबल किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई कर रहे हैं। जवान आतंकियों को इलाके से भागने से रोकने के लिए घेराबंदी बनाए हुए हैं। सुरक्षा एजेंसियां अभियान के दौरान स्थानीय परिस्थितियों पर भी नजर रख रही हैं। अधिकारियों ने अभी तक मारे गए आतंकवादी की पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। सुरक्षा बल अभियान पूरा होने के बाद विस्तृत जानकारी जारी कर सकते हैं। फिलहाल जवान जंगल क्षेत्र में तलाशी अभियान चला रहे हैं।
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