नोएडा में पर्थला चौक पर लगने वाले ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए प्राधिकरण छह-लेन अंडरपास बनाएगा। यह अंडरपास सिग्नेचर ब्रिज के नीचे बनेगा और दिल्ली, गाजियाबाद तथा मेरठ की ओर सफर आसान बनाएगा। नोएडा प्राधिकरण ने इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रस्तावित अंडरपास लगभग 710 मीटर लंबा होगा और इससे रोजाना गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों को राहत मिलेगी। योजना के तहत सड़क के दोनों तरफ तीन-तीन लेन बनाई जाएंगी, जिससे वाहनों की आवाजाही सुचारु रहेगी। अधिकारियों के मुताबिक, पर्थला चौक पर रोजाना करीब डेढ़ लाख वाहन गुजरते हैं, जिससे व्यस्त समय में जाम लगता है।
पर्थला चौक पर बनेगा छह-लेन अंडरपास, जाम से मिलेगी राहत
सुबह और शाम के समय यहां वाहनों का दबाव बढ़ने से यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। नया अंडरपास बनने से चौराहे पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और वाहन चालकों का समय बचेगा। परियोजना में लगभग 110 मीटर लंबा आरसीसी बॉक्स बनाया जाएगा, जबकि दोनों तरफ पहुंच मार्ग तैयार होंगे। इन पहुंच मार्गों की लंबाई करीब 280-280 मीटर होगी, जिससे वाहन आसानी से अंडरपास में प्रवेश कर सकेंगे। जलभराव रोकने के लिए प्राधिकरण संप और पंपिंग सिस्टम भी विकसित करेगा, ताकि बारिश में यातायात प्रभावित न हो।
इस परियोजना से सेक्टर 71 से 79 और सेक्टर 119 से 122 के निवासियों को विशेष लाभ मिलेगा। सोरखा, ग्रेटर नोएडा वेस्ट और गौर सिटी की ओर जाने वाले यात्रियों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इसके अलावा, छिजारसी, सिद्धार्थ विहार और वसुंधरा से आने-जाने वाले लोगों की यात्रा आसान हो सकती है। अंडरपास बनने से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की ओर जाने वाले वाहन चालकों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। प्राधिकरण डीपीआर तैयार होने के बाद परियोजना को मंजूरी के लिए बोर्ड के सामने रखेगा। बोर्ड की स्वीकृति मिलने पर अधिकारी निर्माण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करेंगे। प्रस्तावित योजना के अनुसार, निर्माण कार्य पूरा करने के लिए लगभग 18 महीने का लक्ष्य रखा जा सकता है। हालांकि, परियोजना की वास्तविक समयसीमा मंजूरी, टेंडर और निर्माण प्रक्रिया की प्रगति पर निर्भर करेगी।

