कमल हासन ने शुक्रवार को तमिल भाषा में राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ग्रहण की।यह उनका संसद में पहला आधिकारिक पद है, जो उनके राजनीतिक सफर में नया अध्याय जोड़ता है।उन्होंने 2018 में मक्कल निधि मय्यम (MNM) पार्टी की स्थापना करके राजनीति में कदम रखा।अब DMK के साथ गठबंधन के बाद उन्हें राज्यसभा के लिए नामित किया गया है।यह नामांकन मार्च 2024 में MNM के डीएमके-नेतृत्व वाले गठबंधन में शामिल होने के बाद हुआ।
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गठबंधन ने 2024 लोकसभा चुनाव में तमिलनाडु की सभी 39 सीटों पर जीत दर्ज की।कमल हासन की राज्यसभा में एंट्री 2026विधानसभाचुनाव की रणनीति को मजबूत करती है।शपथ ग्रहण के दौरान DMK के तीन अन्य सांसदों ने भी तमिल भाषा में शपथ ली।कमल हासन ने कहा कि वह इस पद को लेकर गर्व और जिम्मेदारी महसूस कर रहे हैं।यह कदम तमिलनाडु की राजनीति में नए समीकरणों को जन्म दे सकता है।
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राज्यसभा में नया नेतृत्व, कमल हासन की नई राजनीतिक पारी शुरू
शपथ से पहले गुरुवार को छह राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो गया था।नए सांसदों की शपथ के साथ ही तमिलनाडु से राज्यसभा में नया नेतृत्व उभरा है।कमल हासन की MNM ने 2019 लोकसभा चुनाव में चार फीसदी वोट हासिल किए थे।2021 विधानसभा चुनाव में भी MNM ने बेहतर प्रदर्शन किया, पर कमल हासन हार गए।कोयंबटूर साउथ सीट पर उन्हें करीबी मुकाबले में पराजय का सामना करना पड़ा था।
2024 लोकसभा चुनाव में MNM ने चुनाव नहीं लड़ा, बल्कि DMK का समर्थन किया।MNM और DMK के गठबंधन को अब 2026 चुनाव में एक मजबूत विकल्प माना जा रहा।कमल हासन ने शपथ लेने के बाद कहा कि वह देशसेवा के लिए तत्पर हैं।DMK सांसदों रजति, पी. विल्सन और एस.आर. शिवलिंगम ने भी तमिल में शपथ ली।यह शपथ ग्रहण समारोह तमिल पहचान और गठबंधन की राजनीतिक एकजुटता का प्रतीक बन गया।
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