बांग्लादेश के जेस्सोर ज़िले के मोनिरामपुर इलाके में हमलावरों ने हिंदू कारोबारी राणा प्रताप बैरागी की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी। राणा प्रताप बैरागी एक स्थानीय अख़बार बीडी ख़बर के कार्यवाहक संपादक भी थे। यह घटना सोमवार शाम मोनिरामपुर उपज़िले के कपालिया बाज़ार क्षेत्र में हुई। पुलिस के अनुसार, कुछ लोग शाम करीब छह बजे राणा प्रताप बैरागी को उनकी आइस फैक्ट्री से बुलाकर पास के कपालिया क्लिनिक और डायग्नोस्टिक सेंटर ले गए। वहां बहस के दौरान हमलावरों ने उन्हें सिर में गोली मार दी और मौके से फरार हो गए। गोली लगते ही राणा प्रताप की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि राणा प्रताप बैरागी की हत्या उनकी आइस फैक्ट्री के बगल में ही हुई। वह पेशे से कारोबारी थे और कपालिया बाज़ार में उनकी बर्फ़ बनाने की फैक्ट्री थी।
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पुलिस जांच, पुराने मामले और परिवार का बयान
मोनिरामपुर पुलिस स्टेशन के प्रभारी मोहम्मद राज़िउल्लाह ख़ान ने बताया कि पुलिस इस हत्या की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि मृतक के पिता ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई है और पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है। पुलिस अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि राणा प्रताप बैरागी को सिर में तीन गोलियां मारी गई थीं और उनका गला भी काटा गया था। पुलिस जेस्सोर अस्पताल में शव का पोस्टमॉर्टम कराएगी। पुलिस के मुताबिक, राणा प्रताप बैरागी के खिलाफ पहले से हत्या, बलात्कार और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत तीन आपराधिक मामले दर्ज थे। केशबपुर और अभयनगर थानों में ये केस दर्ज हुए थे, जिनमें से कुछ मामले अदालत में लंबित हैं।
वहीं, मृतक के पिता तुषार कांति बैरागी ने कहा कि उनके बेटे का किसी के साथ कोई कारोबारी विवाद नहीं था। उन्होंने बताया कि वह यह समझ नहीं पा रहे हैं कि उनके बेटे की हत्या क्यों की गई। तुषार कांति ने कहा कि राणा प्रताप उस दिन दोपहर में फैक्ट्री गए थे और बाद में कुछ लोग उन्हें वहां से बुलाकर ले गए,लेकिन परिवार उन लोगों की पहचान नहीं कर सका। स्थानीय लोगों ने यह भी दावा किया कि राणा प्रताप बैरागी का अतीत विवादित रहा है और वह एक समय पर चरमपंथी गतिविधियों से जुड़े रहे थे। बाद में उन्होंने सामान्य जीवन अपनाया और कारोबार के साथ-साथ अख़बार के प्रकाशन से भी जुड़े रहे।
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