अमेरिका ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के दौरान ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei को निशाना बनाया। इस मिशन में Claude AI ने रणनीति और डेटा विश्लेषण में अहम भूमिका निभाई। अमेरिकी सेना ने सैटलाइट इमेज और खुफिया रिपोर्ट का तेजी से विश्लेषण किया। एआई ने डेटा को जल्दी प्रोसेस किया और कमांडरों को स्थिति समझने में मदद दी।
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में Claude AI ने रणनीति और डेटा विश्लेषण में अमेरिका की मदद की
रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति Donald Trump ने फेडरल गवर्नमेंट में इस टूल के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया। इसके बावजूद अमेरिकी सेना ने ऑपरेशन की योजना में एआई का उपयोग जारी रखा। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने हजारों दस्तावेज और सैटलाइट तस्वीरें जांचीं। Claude AI ने पुराने रिकॉर्ड और नए डेटा की तुलना की। इससे कमांडरों को सही जानकारी जल्दी मिली।
अमेरिकी सेना ने संभावित टारगेट्स की सूची बनाई। सूची में न्यूक्लियर साइट्स, मिसाइल बेस और कमांड सेंटर शामिल रहे। सेना ने हर टारगेट का रणनीतिक महत्व जांचा। Claude AI ने डेटा जोड़कर जोखिम और प्राथमिकता का विश्लेषण किया। इससे कमांडरों ने तेज और सटीक फैसला लिया।
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