मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद सोना-चांदी में तेज गिरावट देखने को मिल रही है। आमतौर पर ऐसे हालात में निवेशक सुरक्षित विकल्प के रूप में इन धातुओं की ओर रुख करते हैं, लेकिन इस बार बाजार में उल्टा ट्रेंड दिखाई दे रहा है।
गुरुवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमत में भारी गिरावट आई। शाम करीब 6:15 बजे चांदी 12 फीसदी टूट गई और लोअर सर्किट लग गया। इस गिरावट के साथ चांदी एक झटके में 29,000 रुपये से ज्यादा सस्ती हो गई। अब चांदी अपने ऑल टाइम हाई से 2 लाख रुपये प्रति किलो से ज्यादा नीचे आ चुकी है।
सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन चांदी का वायदा भाव बुधवार के बंद 2,48,194 रुपये से गिरकर खुला और खबर लिखे जाने तक 12 फीसदी टूटकर 2,18,411 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया। 29 जनवरी को चांदी 4,20,048 रुपये प्रति किलो के लाइफटाइम हाई पर पहुंची थी, जिसके मुकाबले अब इसमें भारी गिरावट दर्ज की गई है।
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निवेशकों का रुख बदला, डॉलर बना पहली पसंद
सोना भी इस गिरावट से अछूता नहीं रहा। MCX पर 2 अप्रैल एक्सपायरी वाला सोना बुधवार को 1,53,025 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, लेकिन गुरुवार को 6 फीसदी गिरकर 1,43,844 रुपये पर आ गया। इस तरह सोना करीब 9,000 रुपये सस्ता हो गया है। अपने हाई लेवल 1,93,096 रुपये की तुलना में सोना अब लगभग 50,000 रुपये तक गिर चुका है।
सोना-चांदी में इस गिरावट के पीछे कई बड़े कारण सामने आए हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने पॉलिसी रेट्स को स्थिर रखा है और संकेत दिया है कि मिडिल ईस्ट के तनाव के कारण वैश्विक आर्थिक हालात कमजोर हो सकते हैं। इसके अलावा होर्मुज क्षेत्र में तनाव और खाड़ी देशों के ऑयल-गैस प्लांट्स पर हमलों से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हैं, जिससे महंगाई का खतरा बढ़ा है।
वहीं, निवेशक अब सुरक्षित निवेश के तौर पर डॉलर की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे डॉलर मजबूत हुआ है और इसका सीधा दबाव सोना-चांदी की कीमतों पर पड़ा है। हाई पॉलिसी रेट्स और मजबूत डॉलर के कारण, भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद कीमती धातुओं में गिरावट देखने को मिल रही है।
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