नए साल की शुरुआत में नासा दो महत्वपूर्ण स्पेसवॉक मिशन की योजना बना रहा है। जनवरी में, इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के बाहर दो स्पेसवॉक किए जाएंगे, जिनका मुख्य उद्देश्य स्टेशन की बिजली व्यवस्था को सुधारना और जरूरी मरम्मत का काम पूरा करना है। नासा ने यह जानकारी अपने ‘एक्स’ सोशल मीडिया हैंडल (@NASA) पर दी। 6 जनवरी को ह्यूस्टन के जॉनसन स्पेस सेंटर में एक मीडिया ब्रीफिंग में इन स्पेसवॉक के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी, जिसे नासा अपने यूट्यूब चैनल और सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारित करेगा।
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8 जनवरी 2026 को नासा का पहला स्पेसवॉक आयोजित होगा, जिसमें अंतरिक्ष यात्री माइक फिंक और जेना कार्डमैन स्पेस स्टेशन के ‘क्वेस्ट एयरलॉक’ से बाहर निकलेंगे। उनका मुख्य उद्देश्य ‘2A पावर चैनल’ तैयार करना है, ताकि भविष्य में ‘इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन रोल-आउट सोलर ऐरे’ (iROSA) को लगाया जा सके, जिससे स्टेशन को अधिक बिजली मिल सके और इसके सुरक्षित डी-ऑर्बिट के लिए भी सहायता मिले। यह जेना का पहला स्पेसवॉक होगा, जबकि माइक का यह 10वां स्पेसवॉक होगा, जिससे वह नासा के इतिहास में सबसे ज्यादा स्पेसवॉक करने के रिकॉर्ड की बराबरी कर लेंगे। दूसरा स्पेसवॉक 15 जनवरी 2026 को किया जाएगा, जिसमें कैमरा पोर्ट 3 पर हाई-डेफिनिशन कैमरा बदला जाएगा और अन्य महत्वपूर्ण उपकरण स्थापित किए जाएंगे। नासा बाद में इस मिशन के बारे में और जानकारी देगा।
नासा की ब्रीफिंग में मिशन की जानकारी स्पेसवॉक 8 जनवरी से शुरू
नासा की मीडिया ब्रीफिंग में बिल स्पिच, ISS ऑपरेशंस इंटीग्रेशन मैनेजर, डायना ट्रूजिलो, स्पेसवॉक फ्लाइट डायरेक्टर, और हेइडी ब्रूअर, स्पेसवॉक फ्लाइट डायरेक्टर मिशन की सभी जानकारी देंगे। इसके साथ ही लोग सोशल मीडिया पर #AskNASA के जरिए सवाल भी पूछ सकते हैं। यह मिशन खास है क्योंकि यह इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के 278वें और 279वें स्पेसवॉक होंगे, जो 2026 के पहले दो स्पेसवॉक होंगे। ये स्पेसवॉक ‘एक्सपीडिशन 74’ मिशन का हिस्सा हैं और इनका मुख्य उद्देश्य ISS को सुरक्षित, मजबूत और भविष्य के लिए तैयार रखना है।
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