बुधवार को घरेलू शेयर बाजार में तेजी का रुख रहा। शुरुआती सत्र में सेंसेक्स 327.79 अंक की बढ़त के साथ 80,563.38 पर पहुंचा, जबकि निफ्टी 112.15 अंक चढ़कर 24,599.55 पर कारोबार कर रहा था। वहीं, शुरुआती सौदे में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 6 पैसे कमजोर होकर 87.69 पर खुला।
एफआईआई बिकवाली के बीच घरेलू निवेशकों की खरीदारी से बाजार में तेजी
सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में बुधवार को भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, टाटा मोटर्स, पावर ग्रिड, टाटा स्टील, इटरनल और इंफोसिस के शेयरों में मजबूती दर्ज की गई, जिससे बाजार की धारणा को सहारा मिला। दूसरी ओर, मारुति, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक और बजाज फिनसर्व के शेयर दबाव में रहे और गिरावट के साथ बंद हुए। एक्सचेंज से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को 3,398.80 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की। विश्लेषकों का मानना है कि एफआईआई की लगातार बिकवाली के बावजूद घरेलू निवेशकों की सक्रिय खरीदारी और वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने बाजार को संभालने में अहम भूमिका निभाई। साथ ही, स्थिर अमेरिकी महंगाई दर और कमजोर डॉलर ने भी निवेशकों के भरोसे को बढ़ावा दिया। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यह रुख जारी रहता है, तो निकट भविष्य में बाजार नई ऊंचाइयों को छू सकता है।
वैश्विक दबाव और मुनाफावसूली में गिरावट
मंगलवार को शेयर बाजार में गिरावट का माहौल रहा। सेंसेक्स 368.49 अंक यानी 0.46% टूटकर 80,235.59 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 97.65 अंक या 0.40% फिसलकर 24,487.40 पर आ गया। इस कमजोरी के पीछे वैश्विक बाजारों से मिले नकारात्मक संकेत, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कुछ प्रमुख सेक्टरों में मुनाफावसूली प्रमुख कारण रहे। विशेष रूप से आईटी, ऑटो और मेटल शेयरों में दबाव देखने को मिला। इसके अलावा, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। हालांकि, विश्लेषकों का कहना है कि घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूत बुनियाद के कारण बाजार में दीर्घकालिक दृष्टिकोण सकारात्मक बना हुआ है और गिरावट को निवेश के अवसर के रूप में देखा जा सकता है।

