शेयर बाजार में गुरुवार को अचानक भारी गिरावट देखने को मिली और शुरुआती तेजी के बाद बाजार पूरी तरह दबाव में आ गया। दिन की शुरुआत ग्रीन जोन में हुई, लेकिन कुछ ही देर में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों तेज गिरावट के साथ लाल निशान में पहुंच गए। बीएसई सेंसेक्स ने अपने पिछले बंद 83,734 के मुकाबले 83,969 पर मजबूत शुरुआत की, लेकिन मुनाफावसूली के दबाव में यह तेजी टिक नहीं सकी। खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स 913 अंक टूटकर 82,625 पर कारोबार कर रहा था और 83,000 का अहम स्तर भी खो बैठा। वहीं एनएसई निफ्टी ने 25,819 के पिछले बंद के मुकाबले 25,873 पर ओपनिंग की, लेकिन जल्द ही 330 अंक गिरकर 25,465 तक फिसल गया।
बाजार में गिरावट के तीन बड़े कारण
1. जोरदार मुनाफावसूली
पिछले तीन कारोबारी दिनों की लगातार तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफा वसूलना शुरू कर दिया। भारी बिकवाली ने बाजार पर दबाव बढ़ाया और इंडेक्स तेजी से नीचे आ गए।
2. IT शेयरों में विदेशी बिकवाली
आईटी सेक्टर पर दबाव बना हुआ है। NSDL के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने इस महीने के पहले 15 दिनों में 10,956 करोड़ रुपये के आईटी शेयर बेचे हैं। उनकी होल्डिंग में करीब 16% की कमी आई है, जिससे सेक्टर और कमजोर हुआ।
3. अमेरिका-ईरान तनाव और क्रूड में उछाल
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों की चिंता बढ़ा दी है। इसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर दिखा। ब्रेंट क्रूड 1% से ज्यादा चढ़कर 71 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। बढ़ते तेल दामों ने निवेशकों की धारणा को नकारात्मक किया।
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इन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट
लार्जकैप में 30 में से 29 शेयर लाल निशान में रहे।
- Kwality Wall – 5%
- Trent – 3.20%
- IndiGo – 2.60%
- M&M – 2.30%
मिडकैप शेयरों में:
- Persistent – 4.10%
- Paytm – 3.50%
- Hindustan Petroleum – 3.40%
- Dixon – 2.50%
स्मॉलकैप में:
- Cohance – 4%
- IIFL – 3%
कुल मिलाकर, मुनाफावसूली, विदेशी बिकवाली और वैश्विक तनाव के संयुक्त असर ने बाजार को जोरदार झटका दिया और निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।
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