शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार में कमजोरी देखने को मिली। कारोबार की शुरुआत में ही निवेशकों ने बिकवाली की, जिससे सेंसेक्स 500 अंकों से ज्यादा गिर गया। वहीं निफ्टी बैंक इंडेक्स भी दबाव में कारोबार करता दिखा, हालांकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया।
ग्लोबल बाजारों से मिले कमजोर संकेत और अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने भी बाजार पर दबाव बनाया। इन कारणों से शुक्रवार को घरेलू बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में गिरावट दर्ज की गई।
कारोबार की शुरुआत में सुबह 9:15 बजे बीएसई सेंसेक्स 547.49 अंक यानी 0.68% गिरकर 79,468.41 पर आ गया, जबकि एनएसई निफ्टी 155.45 अंक यानी 0.63% फिसलकर 24,610.45 पर पहुंच गया।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा कि युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव के चलते बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। उनका कहना है कि इस स्थिति का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ रहा है, जो शेयर बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकता है। युद्ध शुरू होने के बाद से कच्चे तेल की कीमतों में 16% से ज्यादा उछाल आ चुका है।
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इन शेयरों में आई तेज गिरावट
सेंसेक्स में शामिल कई दिग्गज शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इंटरग्लोब एविएशन (IndiGo) का शेयर करीब 2.25% गिरकर 4403.40 रुपये पर आ गया। इसके अलावा ICICI बैंक में करीब 1.84% की गिरावट दर्ज हुई, जबकि एचडीएफसी बैंक समेत कुछ अन्य बैंकिंग शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली।
वहीं SEBI में रजिस्टर्ड रिसर्च एक्सपर्ट और लिवेलॉन्ग वेल्थ के संस्थापक हरिप्रसाद का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते ONGC और ऑयल इंडिया जैसी कंपनियों के शेयरों पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी। आमतौर पर ऊंची तेल कीमतों से अपस्ट्रीम एनर्जी कंपनियों को फायदा होता है।
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