दिल्ली धमाके के संदिग्ध से पूछताछ में जांच एजेंसी को महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई। संदिग्ध ने बताया कि उन्होंने छह जनवरी को ऐतिहासिक लाल किले पर हमला करने की योजना बनाई। संदिग्ध ने यह भी कहा कि वे दीवाली पर भीड़भाड़ वाले इलाके को निशाना बनाना चाहते थे। सोमवार को लाल किले के पास हुए धमाके ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। पुलिस और जांच एजेंसियां अब तक कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही हैं।
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मुख्य संदिग्ध: डॉ. मुजम्मिल, डॉ. अदील अहमद डार और डॉ. उमर
दिल्ली धमाके में तीन प्रमुख संदिग्धों की पहचान डॉ. मुजम्मिल, डॉ. अदील और डॉ. उमर हुई। डॉ. उमर को धमाके के समय ही मारे जाने की आशंका जताई जा रही है। डॉ. मुजम्मिल और डॉ. अदील अहमद डार को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।पूछताछ में पता चला कि संदिग्धों ने जनवरी के पहले हफ्ते में लाल किले की रेकी की। संदिग्धों की योजना का मुख्य उद्देश्य 26 जनवरी को लाल किले को निशाना बनाना था। जांच एजेंसियों को पूछताछ में जानकारी मिली कि संदिग्धों ने दीवाली पर भी योजना बनाई। वे भीड़भाड़ वाली जगहों पर विस्फोट करके अधिकतम नुकसान पहुंचाना चाहते थे, यह जानकारी सामने आई। डॉ. मुजम्मिल के फोन डंप डेटा से रेकी और प्लानिंग की पूरी जानकारी मिली। संदिग्धों ने अस्पताल और सार्वजनिक स्थानों को भी संभावित हमले का टारगेट बनाया था।
सोमवार को फरीदाबाद से जम्मू-कश्मीर और हरियाणा पुलिस ने कुल 2,900 किलो विस्फोटक जब्त किया। इसी दिन लाल किले के पास हुए धमाके में अब तक 13 लोगों की मौत हो गई। जख्मी लोगों की संख्या 21 है, उनका अस्पताल में इलाज जारी है और कई गंभीर हैं। डॉ. उमर जैश-ए-मुहम्मद के आतंकी मॉड्यूल का सक्रिय सदस्य था, जांच अभी भी जारी है। मुजम्मिल और अदील अहमद डार भी इसी मॉड्यूल से जुड़े होने के कारण हिरासत में हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हाफिज इश्तियाक को फरीदाबाद से श्रीनगर ले जाकर पूछताछ की। डॉ. मुजम्मिल ने हाफिज का किराए का घर विस्फोटक छुपाने के लिए इस्तेमाल किया था। उस घर से 2,563 किलो विस्फोटक बरामद किया गया, जांच एजेंसियां सघन पूछताछ कर रही हैं।


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