दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास सोमवार शाम हुए विस्फोट ने पूरे देश को दहला दिया। इस धमाके में कम से कम 10 लोगों की मौत हुई और कई अन्य घायल हुए। घटना के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस, एनआईए और फोरेंसिक टीमें मौके पर पहुंचीं और पूरे क्षेत्र को सील कर दिया। जांच एजेंसियां लगातार साक्ष्य जुटाकर हमले की रूपरेखा समझने की कोशिश कर रही हैं।
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नेताओं ने दिल्ली हमले को साजिश बताया, आतंकियों पर कार्रवाई की मांग
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार इस हमले को बेहद गंभीरता से देख रही है और दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। पूर्व बिहार मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने हमले को बड़ी साजिश बताते हुए कहा कि आतंकियों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का बदला लेने के लिए यह हमला किया। मांझी का मानना है कि आतंकी लंबे समय से दिल्ली को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे थे।
दिल्ली पुलिस ने जांच शुरू कर दी और CCTV फुटेज में संदिग्ध कार की आवाजाही दर्ज की। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कार में केवल एक व्यक्ति बैठा था, जिसे अब कई दिशाओं में ट्रेस किया जा रहा है। जांच टीमें दरियागंज की ओर जाने वाले रूट की भी पड़ताल कर रही हैं। पुलिस ने इस मामले में यूएपीए, विस्फोटक अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत मामला दर्ज किया है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश कर रही है।

