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    मनीषा मर्डर केस: पिता की टूटती आवाज़ और अंतिम संस्कार का भावुक दृश्य आया सामने

    मनीषा

    हरियाणा के भिवानी में शिक्षिका मनीषा की रहस्यमयी मौत ने सबको चौंका दिया।पुलिस अब तक इस हत्या के पीछे का कारण और दोषियों को पहचान नहीं सकी।मनीषा का शव संदिग्ध हालत में मिलने से इलाके में डर और गुस्सा फैल गया।
    स्थानीय लोग लगातार प्रशासन से न्याय की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन करते रहे हैं।शुरू से ही परिवार ने जांच में लापरवाही और राजनीतिक दबाव का आरोप लगाया।मनीषा का मामला पूरे राज्य में सुर्खियों में आ गया और सोशल मीडिया पर छाया।लोगों ने सोशल मीडिया पर न्याय की मांग करते हुए कई मुहिमें भी चलाईं।

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    सरकार के आश्वासन के बाद परिजनों ने आखिरकार गुरुवार को अंतिम संस्कार करने का फैसला लिया।परिवार ने नौ दिन तक बेटी का शव अंतिम संस्कार के लिए सुरक्षित रखा था।उन्होंने मांग रखी थी कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।गुरुवार को ढाणी लक्ष्मण गांव में लोगों की भारी भीड़ अंतिम संस्कार में उमड़ पड़ी।हर तरफ ग़म और गुस्से का माहौल था, लोग आंखों में आंसू लिए खड़े थे।परिजनों के साथ-साथ गांववालों ने भी दुख और नाराज़गी दोनों जाहिर किए।सरकार ने परिजनों को निष्पक्ष जांच का वादा करते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया।इस भरोसे के बाद परिवार ने बेटी को अंतिम विदाई देने का मन बनाया।गांव में अंतिम यात्रा के दौरान सन्नाटा और रोने की आवाज़ें एक साथ गूंजती रहीं।पूरा माहौल बेहद भावुक और दिल दहला देने वाला हो गया।

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    मनीषा मर्डर केस:सवालों में फंसी पुलिस जांच

    मनीषा की अंतिम यात्रा में गांव, आसपास के इलाके और दूर-दराज से लोग पहुंचे थे।लोगों ने फूलों और आंसुओं के साथ मनीषा को अंतिम विदाई दी।हर चेहरा ग़मगीन था, और हर आंख में इंसाफ की एक उम्मीद नजर आई।बेटी, बहन और शिक्षक के रूप में मनीषा सबके दिल में बसी थी।अंतिम संस्कार में शामिल कई लोगों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की।लोगों ने कहा कि एक शिक्षिका की हत्या पर चुप रहना समाज की हार है।मनीषा की मां बेसुध थीं और पिता की आंखों में आंसू थम नहीं रहे थे।परिजनों ने बार-बार एक ही बात कही – हमें सिर्फ न्याय चाहिए, और कुछ नहीं।स्थानीय नेताओं ने भी संवेदना जताते हुए कड़ी जांच की बात कही।लोगों ने एक सुर में कहा – अगर दोषी बचे, तो न्याय शर्मिंदा होगा।

    अब तक की जांच में पुलिस ने कोई ठोस सुराग या गिरफ्तारी सामने नहीं रखी।मनीषा के परिजन लगातार जांच में देरी और ढिलाई का आरोप लगाते रहे हैं।स्थानीय लोग मानते हैं कि प्रशासन दबाव में है और निष्पक्ष जांच नहीं कर रहा।मामले में अब तक कोई मुख्य आरोपी नामजद नहीं हुआ, जिससे नाराज़गी बढ़ी है।विपक्षी नेताओं ने सरकार पर इस केस को दबाने का आरोप भी लगाया है।लोगों का कहना है कि अगर शिक्षिकाओं को सुरक्षा नहीं, तो आम महिलाएं असुरक्षित हैं।परिवार ने कहा कि जब तक दोषी नहीं पकड़े जाएंगे, आंदोलन जारी रहेगा।सोशल मीडिया पर #JusticeForManisha जैसे हैशटैग फिर से ट्रेंड करने लगे हैं।इस केस ने हरियाणा की कानून व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।अभी तक की स्थिति ने जनता को और अधिक आक्रोशित कर दिया है।

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