मुंबई पुलिस ने एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया, जिसने खुद को पुलिस अफसर बताया। आरोपी वैभव उर्फ शुभम नर्कर लोगों को सब-इंस्पेक्टर बनकर धोखा देता था। वह मेट्रोमोनियल वेबसाइट पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर महिलाओं को झांसे में लेता था। आरोपी ने सोशल मीडिया पर पुलिस की वर्दी में तस्वीरें अपलोड कर विश्वास जीता। पुलिस के अनुसार, आरोपी पहले भी ठगी के कई मामलों में गिरफ्तार हो चुका है। वह महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले का रहने वाला बताया जा रहा है। ठगी के मामलों में उसने फर्जी नियुक्ति पत्र और कॉल लेटर भी बनवाए। आरोपी ने राज्यभर में ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया है। मुंबई पुलिस ने उसके खिलाफ धोखाधड़ी और बलात्कार जैसी धाराओं में केस दर्ज किया। आरोपी ने पहले से शादी कर रखी थी लेकिन फिर भी महिलाओं को शादी का झांसा देता रहा। पुलिस उसे सोलापुर से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है।
मुंबई: फर्जी पुलिस बनकर युवाओं को नौकरी का झांसा, दर्जनों से लाखों की ठगी
आरोपी ने एक 33 वर्षीय महिला से मेट्रोमोनियल साइट पर संपर्क कर दोस्ती की शुरुआत की। महिला से भावनात्मक रिश्ता बनाकर उसने शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए। उसने महिला से करीब ढाई लाख की सोने की चेन और तीस हजार नकद लिए। महिला को बाद में पता चला कि आरोपी पहले से शादीशुदा है और उसकी एक बेटी भी है। इस खुलासे के बाद महिला ने मुंबई के नेहरू नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई कर आरोपी के खिलाफ बलात्कार और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया। महिला ने बताया कि आरोपी बेहद चालाकी से भरोसा जीतता था। उसने महिला को वर्दी की तस्वीरें दिखाकर विश्वास में लिया। इस पूरे मामले ने पुलिस और आम जनता को हैरान कर दिया है। आरोपी ने भावनात्मक रूप से महिला को ठगकर बड़ी रकम हड़प ली।
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी ने बेरोजगार युवाओं को नौकरी का झांसा दिया। उसने लोगों से इंटरव्यू और नियुक्ति पत्र के नाम पर मोटी रकम वसूली। लगभग 40 से 50 लोगों को इसी तरीके से आरोपी ने ठगा। वह खुद को वरिष्ठ अधिकारियों का रिश्तेदार बताकर युवाओं का भरोसा जीतता था। आरोपी ने फर्जी कॉल लेटर बनवाकर लोगों को इंटरव्यू की तारीखें बताईं। सोलापुर साइबर पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी आदतन अपराधी है। उसने झूठ बोलकर और भावनात्मक रूप से लोगों को फंसाया। मुंबई में भी कई पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। आरोपी ने अलग-अलग जिलों में इसी तरह से ठगी की। ठगी के लिए उसने कई फर्जी दस्तावेज तैयार किए और सोशल मीडिया पर प्रचार किया। पुलिस अब उसके पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है।
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मेट्रोमोनियल साइट पर महिलाओं को बनाया शिकार, शादी का वादा कर लूटी जमा-पूंजी
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने महाराष्ट्र के कई जिलों में ठगी की वारदातों को अंजाम दिया। उसने मुंबई, रत्नागिरी और सोलापुर में अलग-अलग मामलों में लोगों से लाखों रुपये ऐंठे। पुलिस का मानना है कि आरोपी ने रत्नागिरी में करीब 19 लाख रुपये की सबसे बड़ी ठगी की। वह महिलाओं को अलग-अलग कहानियां सुनाकर भावनात्मक रूप से फंसाता था। ठगी के लिए वह वर्दी और नकली पहचान पत्र का इस्तेमाल करता था। पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ ठगी, बलात्कार, धोखाधड़ी, और जालसाजी की धाराओं में केस दर्ज किए गए हैं। आरोपी ने सोलापुर पुलिस को भी गुमराह करने की कोशिश की। उसने पूछताछ के दौरान गलत जानकारी दी और बयान बार-बार बदले। पुलिस की टीमें अब राज्यभर में आरोपी के संपर्कों और पीड़ितों की जानकारी जुटा रही हैं। आरोपी के पास से कई फर्जी दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को कई चौंकाने वाले खुलासे हाथ लगे हैं। आरोपी ने अपने फर्जी पुलिस अधिकारी होने की पहचान से कई लोगों को धोखा दिया। उसने बेरोजगार युवाओं, शादी की इच्छुक महिलाओं और मासूम लोगों को निशाना बनाया। आरोपी ने मेट्रोमोनियल वेबसाइट पर प्रोफाइल बनाकर शादी का झांसा दिया। कई मामलों में उसने महिलाओं के साथ संबंध बनाकर उनसे कीमती चीजें ऐंठीं। पुलिस ने बताया कि आरोपी ठगी को सुनियोजित तरीके से अंजाम देता था। वह खुद को पॉवरफुल बताकर लोगों को डराता भी था। आरोपी ने सोशल मीडिया पर खुद को पुलिस इंस्पेक्टर बताकर लोगों को भ्रमित किया। फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में है और मामले की गहराई से जांच चल रही है। पुलिस का मानना है कि आरोपी ने अब तक दर्जनों लोगों को शिकार बनाया है।
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