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    सहारनपुर PNB में 17.29 करोड़ के जाली नोट बरामद, NIA ने बैंक कर्मचारी को किया गिरफ्तार

    सहारनपुर

    सहारनपुर के पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के करेंसी चेस्ट से 17.29 करोड़ रुपये के जाली नोट मिलने के मामले में NIA ने बड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने बैंक कर्मचारी अमित कुमार को गिरफ्तार किया है। अमित कुमार सहारनपुर स्थित करेंसी चेस्ट में प्रबंधक के पद पर तैनात था। मामला सामने आने के बाद वह कथित तौर पर फरार चल रहा था। NIA ने गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच को आगे बढ़ा दिया है।

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    तीन बैंक कर्मचारियों की भूमिका पर जांच

    जांच के दौरान NIA को बैंक के तीन कर्मचारियों की कथित संलिप्तता के संकेत मिले हैं। इनमें करेंसी चेस्ट प्रबंधक अमित कुमार, वरिष्ठ मंडलीय प्रबंधक रवि कुमार कसे और करेंसी चेस्ट प्रबंधक सुशील शर्मा शामिल हैं। बैंक ने मामले के बाद तीनों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया था। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि जाली नोट बैंक के करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे। जांच में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।

    यह मामला 26 अगस्त 2026 को सामने आया था। सहारनपुर के सदर बाजार थाने को PNB के करेंसी चेस्ट से 17.29 करोड़ रुपये के जाली भारतीय नोट मिलने की सूचना मिली थी। इसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। बाद में केंद्र सरकार ने मामले की जांच NIA को सौंप दी। NIA ने 3 सितंबर 2026 को केस अपने हाथ में लिया और जांच तेज कर दी।

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    RBI को भेजी गई रकम की जांच से खुला मामला

    मामले की शुरुआत करेंसी चेस्ट से 11.50 करोड़ रुपये RBI के जयपुर करेंसी चेस्ट भेजने के बाद हुई। वहां अधिकारियों ने नोटों की गिनती की तो करीब 4.30 लाख रुपये की कमी मिली। इसके बाद RBI ने मामले की जांच शुरू की और बैंक के रिकॉर्ड व अन्य सबूतों की पड़ताल की। जांच में पार्ट टाइम हाउसकीपर विशाल कुमार पर नोटों की गड्डियों से रुपये निकालने का आरोप सामने आया। पुलिस ने उसके खिलाफ चोरी का मामला दर्ज किया और CCTV फुटेज को भी जांच में शामिल किया।

    NIA अब पूरे मामले के पीछे कथित नेटवर्क और साजिश का पता लगाने में जुटी है। एजेंसी यह जांच कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में जाली नोट करेंसी चेस्ट तक किस तरह पहुंचे। इसके साथ ही जांचकर्ता यह भी पता लगा रहे हैं कि इस मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। NIA ने फरार आरोपियों और अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है। एजेंसी का लक्ष्य पूरे जाली करेंसी नेटवर्क का खुलासा करना और सभी संभावित आरोपियों तक पहुंचना है।

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    By tina