मिडिल ईस्ट में बढ़ते सुरक्षा तनाव के कारण बोर्ड परीक्षाओं पर असर पड़ रहा है। इसी बीच Council for the Indian School Certificate Examinations (CISCE) ने बड़ा फैसला लेते हुए United Arab Emirates के सभी परीक्षा केंद्रों पर कक्षा 10 (ICSE) और कक्षा 12 (ISC) की बोर्ड परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। इस फैसले से CISCE से जुड़े स्कूलों में पढ़ने वाले हजारों भारतीय छात्र प्रभावित हुए हैं। परिषद ने पहले इन परीक्षाओं को स्थगित किया था, लेकिन क्षेत्र में बदलती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए अब इन्हें पूरी तरह रद्द करने का निर्णय लिया है।
CISCE ने स्कूलों को भेजे गए सर्कुलर में बताया कि परिषद ने यह फैसला Knowledge and Human Development Authority (KHDA) और दुबई स्थित Embassy of India, Abu Dhabi सहित संबंधित अधिकारियों से चर्चा के बाद लिया। सुरक्षा हालात को ध्यान में रखते हुए परिषद ने UAE के सभी केंद्रों पर ICSE और ISC बोर्ड परीक्षाएं रद्द कर दीं। पहले परिषद इन परीक्षाओं को 2 मार्च से 6 अप्रैल 2026 के बीच आयोजित करने की योजना बना रही थी, लेकिन मौजूदा हालात और बड़े स्तर पर परीक्षा कराने में आ रही कठिनाइयों के कारण यह निर्णय लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि परिषद ने छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया है।
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मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव
Middle East में हाल के दिनों में तनाव लगातार बढ़ रहा है। Iran, United States और Israel के बीच बढ़ते टकराव का असर पूरे क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। खाड़ी देशों जैसे Oman और Bahrain में मिसाइल और ड्रोन गतिविधियों की खबरें सामने आई हैं। साथ ही कई जगहों पर हवाई उड़ानों में भी बाधाएं देखी गई हैं। दुबई के कुछ इलाकों में मलबा गिरने की घटनाओं ने सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ा दिया, जिसके बाद संस्थानों ने बोर्ड परीक्षाएं रद्द करने का फैसला लिया।
हजारों छात्र हुए प्रभावित
UAE में बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय रहता है और उनके कई बच्चे भारतीय पाठ्यक्रम वाले स्कूलों में पढ़ते हैं। यहां कई स्कूल CISCE से जुड़े हुए हैं, जो हर साल दो प्रमुख बोर्ड परीक्षाएं आयोजित करता है—कक्षा 10 के लिए ICSE और कक्षा 12 के लिए ISC। परीक्षा रद्द होने से हजारों छात्रों की पढ़ाई और परिणाम को लेकर चिंता बढ़ गई है।
कैसे होगा छात्रों का मूल्यांकन
परीक्षाएं रद्द होने के बाद CISCE ने अभी तक मूल्यांकन की अंतिम प्रक्रिया की घोषणा नहीं की है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि परिषद COVID-19 महामारी के दौरान अपनाए गए मूल्यांकन मॉडल का उपयोग कर सकती है। इस मॉडल में स्कूल छात्रों के आंतरिक आकलन, प्री-बोर्ड परीक्षा के अंक, शैक्षणिक रिकॉर्ड और प्रैक्टिकल के नंबर के आधार पर अंतिम परिणाम तैयार कर सकते हैं। इससे छात्रों को बिना एक साल गंवाए उनका फाइनल रिजल्ट मिल सकता है।
घोषणा के बाद दुबई, अबू धाबी और शारजाह के कई भारतीय स्कूलों ने छात्रों और अभिभावकों को आश्वस्त किया है कि CISCE की ओर से आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी होते ही आगे की जानकारी साझा की जाएगी। स्कूल प्रशासन ने छात्रों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और परिषद के अगले निर्देशों का इंतजार करें।
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