उत्तर प्रदेश सरकार ने 2016 में विधानसभा में पेश किए गए मदरसा एक्ट को वापस लेने का फैसला किया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि राज्य सरकार सभी बच्चों को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, ताकि वे बेहतर भविष्य और राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकें। आईएएनएस से बातचीत में पाठक ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रदेश के प्रत्येक छात्र को अच्छी शिक्षा मिले और उत्तर प्रदेश देश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। मदरसा एक्ट को लेकर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सरकार उन सभी प्रावधानों को वापस लेगी, जिनमें खामियां हैं या जिनकी अब जरूरत नहीं है।
Also Read: स्टॉक्स पर दबाव सेंसेक्स 140 अंक टूटा
वहीं, मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने मदरसा शिक्षक सुरक्षा बिल को वापस लेने के फैसले को नियमावली में मौजूद विसंगतियों से जोड़ते हुए कहा कि बिल के विभिन्न स्तरों पर आपत्तियां सामने आई थीं, जिसके बाद इसे वापस लिया गया। मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में किसी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए और सरकार सामाजिक शिक्षा को मजबूत करने के लिए आवश्यक सुधार कर रही है। भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने भी इस फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि राज्य सरकार बिना किसी भेदभाव के शिक्षा सुधारों पर काम कर रही है और ऐसी शिक्षा प्रणाली विकसित करने पर जोर दे रही है, जो देशभक्ति और सकारात्मक मूल्यों को बढ़ावा दे।
Also Read: कांग्रेस नेता ने राष्ट्रीय पक्षी मोर को मारा मांस पकाकर पार्टी करते समय पुलिस ने दबोचा

