भोजपुरी अभिनेता और गायक खेसारी लाल यादव ने साफ कर दिया है कि वे बिहार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वे चाहते हैं कि उनकी पत्नी चुनाव मैदान में उतरे, लेकिन फिलहाल वह इसके लिए राजी नहीं हैं। खेसारी ने बताया कि वे अपनी पत्नी को पिछले चार दिनों से मनाने की कोशिश कर रहे हैं। यदि वह मान जाएंगी तो चुनाव में नामांकन दाखिल करेंगे, अन्यथा वे प्रचार करके तेजस्वी यादव को जिताने की पूरी कोशिश करेंगे। खेसारी लाल यादव ने यह संकेत भी दिया कि वे राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के संपर्क में हैं। उन्होंने यह बताया कि उनकी पत्नी चंदा देवी छपरा सीट से चुनाव लड़ सकती हैं। छपरा विधानसभा सीट पर 2020 में भाजपा ने जीत हासिल की थी।
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चुनावी राजनीति में खेसारी लाल यादव की एंट्री के संकेत, पत्नी को मैदान में उतारने की तैयारी
2015 में भी यह सीट भाजपा के कब्जे में थी। खेसारी के बयान के बाद यह माना जा रहा है कि चंदा देवी राजद के टिकट पर चुनाव लड़ सकती हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, अगर चंदा देवी चुनाव लड़ती हैं तो यह मुकाबला बिहार के सबसे हाई-प्रोफाइल मुकाबलों में से एक होगा। उनकी उम्मीदवारी राजद के चुनाव अभियान को नई ऊर्जा देगी और भाजपा के क्षेत्रीय प्रभुत्व को चुनौती देगी। यह चुनावी रणनीति और स्टार पावर का संगम होगा, जिससे क्षेत्र में बदलाव की उम्मीदें बढ़ेंगी। खेसारी लाल यादव और राजद के बीच नजदीकी की अटकलें पहले भी लगती रही हैं। वे कई बार तेजस्वी यादव और लालू परिवार से मिल चुके हैं।
खेसारी ने सरकार की नीतियों की आलोचना भी खुलकर की है। उनकी इस बात से यह स्पष्ट होता है कि वे राजनीतिक तौर पर सक्रिय भूमिका निभाने को तैयार हैं। इसी बीच, जन सुराज पार्टी ने राघोपुर विधानसभा सीट से अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। पार्टी संस्थापक प्रशांत किशोर ने तेजस्वी यादव के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है। पार्टी ने चंचल सिंह को राघोपुर से अपना उम्मीदवार बनाया है। इससे प्रशांत किशोर के राजद विरोधी मैदान में उतरने की अटकलों पर विराम लग गया है।


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