• Fri. Mar 6th, 2026
    महाराष्ट्र

    महाराष्ट्र में 25 से अधिक नगर निगम चुनाव अचानक रोक दिए गए हैं, जिससे राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राज्य चुनाव आयोग (SEC) ने यह कदम उन गड़बड़ियों के कारण उठाया, जो उम्मीदवारों की अपील प्रक्रिया में हुई थीं। आयोग ने स्पष्ट किया कि नियमों की अनदेखी और सिंबल बांटने में हुई देरी गंभीर और कानूनी रूप से गलत थी। इन नगर निगमों में अब वोटिंग 20 दिसंबर को सुबह 7:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक आयोजित होगी। अन्य सभी नगर परिषद और ग्राम पंचायतों में पहले निर्धारित समय के अनुसार 2 दिसंबर को मतदान होगा। SEC के निर्देश के अनुसार करीब बीस जिलों की प्रक्रियाओं में गड़बड़ियां पाई गईं।

    Also Read : दिल्ली ब्लास्ट मामला: साबरमती जेल में हिंसा डॉ. अहमद सईद सहित कई घायल

    महाराष्ट्र: चुनाव टालने का कारण और नई टाइमलाइन

    कई कैंडिडेट्स के नॉमिनेशन पेपर पहले रिजेक्ट हो गए, जबकि कुछ अपील अभी लंबित थीं। सिंबल पहले ही बांट दिए गए, जिससे नियमों का उल्लंघन हुआ। आयोग ने आदेश दिया कि प्रभावित वार्डों में प्रक्रिया को तुरंत रोका जाए और नई तारीख पर मतदान आयोजित किया जाए। नए शेड्यूल के अनुसार, कैंडिडेट्स के पास 10 दिसंबर तक नाम वापस लेने का अवसर होगा। फाइनल लिस्ट और सिंबल अलॉटमेंट 11 दिसंबर तक पूर्ण कर दिया जाएगा। मतदान 20 दिसंबर को सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक होगा, और काउंटिंग 21 दिसंबर को आयोजित की जाएगी। सरकारी रिजल्ट 23 दिसंबर तक नोटिफाई किए जाएंगे। इस नए समय-सारणी से उम्मीदवारों को प्रचार और तैयारी का पर्याप्त मौका मिलेगा और प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहेगी।

    इस अचानक टालने के फैसले पर महाराष्ट्र सीएम देवेंद्र फडणवीस ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि वोटिंग से ठीक एक दिन पहले चुनाव टालना पूरी तरह गलत है। उन्होंने राज्य चुनाव आयोग की आलोचना करते हुए कहा कि नियमों की गलत व्याख्या करके इस तरह के निर्णय लेना उचित नहीं है। सीएम ने यह भी कहा कि उम्मीदवारों की मेहनत और प्रचार अभियान अचानक बेकार हो गया, जिससे राजनीतिक पार्टियां और उम्मीदवार परेशान हैं। राज्य चुनाव आयोग ने सभी उल्लंघनों की गंभीरता को समझते हुए सुधारात्मक कदम उठाए हैं। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि भविष्य में नियमों का पालन अनिवार्य रूप से करें। नए शेड्यूल के अनुसार, सभी प्रभावित वार्डों में मतदान और काउंटिंग पारदर्शिता के साथ होगी। इससे उम्मीदवारों और पार्टियों को उचित समय मिलेगा और चुनाव प्रक्रिया कानूनी रूप से सुरक्षित रहेगी।

    Also Read : मिस यूनिवर्स 2025: रैंप वॉक के दौरान जमैका की कंटेस्टेंट लड़खड़ाकर गिरीं स्ट्रेचर से अस्पताल ले जाया गया

    Share With Your Friends If you Loved it!