बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए मतगणना जारी है और राघोपुर सीट से बड़ी खबर सामने आई है। इस सीट पर आरजेडी के तेजस्वी यादव और बीजेपी के सतीश कुमार के बीच कांटे की टक्कर चल रही है। शुरुआती रुझानों में आठवें राउंड तक तेजस्वी यादव केवल 286 वोटों की मामूली बढ़त के साथ आगे हैं। इससे आरजेडी समर्थकों की धड़कन बढ़ गई है, क्योंकि सतीश कुमार वही नेता हैं जिन्होंने पहले राबड़ी देवी को चुनाव में हराया था। राघोपुर सीट चुनावी इतिहास में महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि 2010 में सतीश कुमार जेडीयू के उम्मीदवार थे और उन्होंने राबड़ी देवी को हराया था। इसके बाद 2015 और 2020 में तेजस्वी यादव ने सतीश कुमार को हराया, लेकिन इस बार मुकाबला बीजेपी के प्रत्याशी के साथ है।
राघोपुर 2025 में तेजस्वी और सतीश कुमार के बीच कांटे की टक्कर
राघोपुर सीट का चुनावी महत्व इस बार इसलिए भी बढ़ गया क्योंकि सतीश कुमार ने पहले जेडीयू के उम्मीदवार के रूप में यहां जीत दर्ज की थी। उन्होंने 2010 में राबड़ी देवी को हराकर चुनावी माहौल बदल दिया था। 2015 और 2020 में तेजस्वी यादव ने सतीश कुमार को मात दी और इस बार भी उन्होंने चुनाव में पूरी मेहनत की। तेजस्वी यादव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ मिलकर प्रचार अभियान चलाया और महागठबंधन की जीत सुनिश्चित करने का प्रयास किया। इसके बावजूद एनडीए ने प्रारंभिक रुझानों में भारी बढ़त बना ली और महागठबंधन अपेक्षाकृत पीछे रह गया। रुझानों के अनुसार एनडीए 180 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं, जबकि महागठबंधन केवल 50 सीटों पर आगे है।
तेजस्वी यादव राघोपुर सीट पर ही अपनी किस्मत आजमा रहे हैं और उनकी स्थिति अभी चुनौतीपूर्ण दिख रही है। आठवें राउंड में केवल 286 वोट की मामूली बढ़त होने से उनके समर्थकों में चिंता बढ़ी है। राघोपुर से हारना तेजस्वी यादव के लिए व्यक्तिगत और राजनीतिक दोनों दृष्टियों से बड़ा झटका साबित हो सकता है। तेजस्वी यादव आरजेडी के नेता हैं और महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के दावेदार भी माने जाते हैं। वह बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव और राबड़ी देवी के छोटे बेटे हैं और उनकी उम्र केवल 36 साल है। तेजस्वी यादव के खिलाफ 22 आपराधिक मामले चल रहे हैं और उनकी कुल संपत्ति लगभग 9 करोड़ रुपए बताई गई है।
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तेजस्वी यादव की चुनौती और एनडीए की बढ़त
तेजस्वी यादव ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए पूरे बिहार में प्रचार किया और जनता के बीच अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उन्होंने महागठबंधन की जीत के लिए जोरदार अभियान चलाया और अपनी चुनावी रणनीति पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र राघोपुर में सुबह तक जीत के प्रति आश्वस्त रहने का संकेत दिया। हालांकि शुरुआती रुझानों में एनडीए ने स्पष्ट बढ़त बना ली और महागठबंधन पिछड़ गया। रुझानों के अनुसार एनडीए 180 से अधिक सीटों पर आगे है, जबकि महागठबंधन केवल 50 सीटों पर। यह स्थिति तेजस्वी यादव के लिए चिंता का विषय बन गई है, क्योंकि उनके अपने क्षेत्र में भी बढ़त मुश्किल लग रही है।
अगर तेजस्वी यादव राघोपुर सीट पर बढ़त नहीं बना पाए तो यह उनके राजनीतिक करियर के लिए बड़ा झटका साबित होगा। इससे महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के दावेदार की स्थिति भी कमजोर हो सकती है। सतीश कुमार ने बीजेपी से चुनाव लड़ा है और उन्होंने तेजस्वी यादव को चुनौती देने का भरपूर प्रयास किया है। राघोपुर में मुकाबला बेहद नजदीकी और कड़ा दिखाई दे रहा है, और अंतिम परिणाम अभी बाकी हैं। तेजस्वी यादव के समर्थक और पार्टी कार्यकर्ता रुझानों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और हर अपडेट के लिए इंतजार कर रहे हैं। यह सीट बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की मुख्य खबरों में सबसे अधिक चर्चा में बनी हुई है।

