भारत और यूरोपीय संघ ने किया ऐतिहासिक फ्री ट्रेड समझौता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच अब तक का सबसे बड़ा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) घोषित किया। इस अवसर पर यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंतोनियो दा कोस्टा और यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन भी मौजूद थीं। मोदी ने कहा कि यह समझौता ग्लोबल GDP का लगभग 25% और वैश्विक ट्रेड का एक-तिहाई हिस्सा कवर करता है। उन्होंने बताया कि यह डील भारत में मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर को मजबूत करेगी और टेक्सटाइल, जेम्स, ज्वैलरी, लेदर और शूज़ जैसे क्षेत्रों को लाभ पहुंचाएगी।
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डील के फायदे और व्यापारिक विस्तार
भारत और ईयू ने इस FTA के तहत यूरोपीय कारों पर टैरिफ़ 110% से घटाकर 10% करने का फैसला किया। उन्होंने कार के पुर्ज़ों पर शुल्क पांच से दस साल में पूरी तरह समाप्त करने का भी निर्णय लिया। मशीनरी, रसायन और दवाओं पर लगने वाले अधिकांश टैरिफ़ हटाए जाएंगे। इस समझौते से भारतीय कामगारों, छात्रों और छोटे व्यवसायों को फायदा होगा। यूरोप में भारतीय छात्रों को पोस्ट-स्टडी वीज़ा मिलेगा और पारंपरिक दवाओं के चिकित्सक भी यूरोप में काम कर सकेंगे। इस डील ने भारत के व्यवसायियों के लिए लगभग पूरा यूरोपीय बाजार खोल दिया है।
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