• Fri. Mar 6th, 2026

    जेएनयू ने नारेबाज़ी करने वाले छात्रों को बाहर करने का ऐलान किया

    जेएनयू

    जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने कथित रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारों लगाने वाले छात्रों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि इसमें शामिल छात्रों को तुरंत सस्पेंड, निष्कासित या स्थायी रूप से विश्वविद्यालय से बाहर किया जाएगा। प्रशासन ने एक्स पर यह भी पुष्टि की कि इस मामले में पहले ही एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।

    Also Read: लैंड फॉर जॉब केस में लालू परिवार पर आरोप तय

    जेएनयू छात्र प्रतिक्रिया और राजनीतिक बयानबाज़ी

    जेएनयू के रजिस्ट्रार और चीफ़ सिक्योरिटी ऑफिसर ने कहा कि छात्रों ने विश्वविद्यालय की आचार-संहिता का उल्लंघन किया और उन्होंने पुलिस को जांच में सहयोग करने का निर्देश भी दिया। प्रशासन ने चेतावनी दी कि किसी भी हिंसक या अवैध गतिविधि को विश्वविद्यालय परिसर में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जेएनयू स्टूडेंट यूनियन की अध्यक्ष अदिति मिश्रा ने कहा कि छात्रों ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की निंदा करने के लिए हर साल 5 जनवरी को विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। उन्होंने बताया कि लगाए गए नारों का उद्देश्य वैचारिक था और किसी पर व्यक्तिगत हमला नहीं करता।

    एबीवीपी के उपाध्यक्ष मनीष चौधरी ने कहा कि ऐसे नारों का होना अब जेएनयू में आम बात बन गई है। सुप्रीम कोर्ट ने पांच जनवरी को उमर ख़ालिद और शरजील इमाम की ज़मानत याचिका खारिज कर दी। इसके बाद छात्रों के एक समूह ने कैंपस में कथित नारों की घटना को अंजाम दिया। राजनीतिक नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी। आरजेडी सांसद मनोज झा और दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने छात्रों के नारों की निंदा की। जेडीयू नेता केसी त्यागी ने कहा कि न्यायपालिका का निर्णय निष्पक्ष है और इसे प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर नारों के माध्यम से खींचना सही नहीं है।

    Also Read: इंदौर हादसा: पूर्व गृह मंत्री बाला बच्चन की बेटी सहित तीन की मौत

    Share With Your Friends If you Loved it!
    2 thoughts on “जेएनयू ने नारेबाज़ी करने वाले छात्रों को बाहर करने का ऐलान किया”

    Comments are closed.