देशभर के करोड़ों किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) योजना की 22वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। योजना के तहत मिलने वाली ₹2,000 की अगली किस्त की तारीख अब तय हो गई है और इसकी आधिकारिक घोषणा भी कर दी गई है। बताया जा रहा है कि 22वीं किस्त होली से पहले जारी होने की उम्मीद थी, लेकिन अब इसे होली के बाद इसी सप्ताह किसानों के खातों में भेजा जाएगा। सरकार ने इसकी आधिकारिक तारीख की घोषणा कर दी है। पीएम किसान पोर्टल पर दी गई जानकारी के अनुसार, योजना की 22वीं किस्त 13 मार्च को जारी की जाएगी।
बताया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 मार्च 2026 को असम के गुवाहाटी से कार्यक्रम के दौरान पीएम-किसान योजना की यह किस्त जारी करेंगे। गौरतलब है कि इससे पहले भी प्रधानमंत्री कई बार सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान ही इस योजना की किस्त किसानों के खातों में ट्रांसफर कर चुके हैं। पीएम किसान योजना केंद्र सरकार की प्रमुख किसान कल्याण योजनाओं में से एक है। इसके तहत छोटे और सीमांत किसानों को हर साल ₹6,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि तीन समान किस्तों में प्रदान की जाती है, यानी हर चार महीने में ₹2,000 सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजे जाते हैं। यह भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली के माध्यम से सीधे खातों में किया जाता है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो जाती है।
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22वीं किस्त में देरी से बढ़ा किसानों का इंतजार
पिछली यानी 21वीं किस्त वर्ष 2025 के अंत में जारी की गई थी। आमतौर पर इस योजना के तहत हर चार महीने के अंतराल पर भुगतान किया जाता है, इसलिए किसानों को उम्मीद थी कि 22वीं किस्त फरवरी 2026 में उनके खातों में आ जाएगी। हालांकि, फरवरी खत्म होने और होली का त्योहार बीत जाने के बाद भी किस्त जारी नहीं हुई, जिससे किसानों के बीच इंतजार बढ़ गया। भुगतान में देरी को लेकर कई किसान लगातार जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे थे और सोशल मीडिया पर भी इसको लेकर चर्चा तेज हो गई थी। अब आधिकारिक तारीख सामने आने के बाद किसानों का इंतजार जल्द खत्म होने की उम्मीद है।
हालांकि इस योजना की किस्त सभी पंजीकृत किसानों को नहीं मिलती। जिन किसानों का e-KYC पूरा नहीं है या जिनकी जमीन का रिकॉर्ड अभी तक सत्यापित नहीं हुआ है, उन्हें लाभ से वंचित किया जा सकता है। इसके अलावा जिन परिवारों में कोई सदस्य सरकारी नौकरी करता है या आयकरदाता है, वे भी इस योजना के पात्र नहीं माने जाते। साथ ही यदि परिवार का कोई सदस्य ₹10,000 या उससे अधिक की सरकारी पेंशन प्राप्त करता है, तो भी किस्त रोक दी जाती है। सरकार हर किस्त जारी करने से पहले लाभार्थियों की सूची की समीक्षा करती है और अयोग्य पाए जाने वाले लोगों के नाम हटा दिए जाते हैं।
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