राजस्थान के पाली जिले में अफसाना बानो के साथ एक रहस्यमयी घटना लगातार हो रही है।बीते छह महीनों में सांप ने अफसाना को आठ बार काटा है, जिससे लोग चौंक गए।मार्च में पहला डसना हुआ, फिर अप्रैल, मई, जून और सितंबर में बार-बार सांप ने डसा।सांप के हर डसने के बाद अफसाना ने मौत को हराकर फिर से जीवन की जीत पाई।डॉक्टरों ने इलाज किया, हर बार वह सकुशल घर लौटी, लेकिन परिवार की चिंता बढ़ी।हाल ही में राजस्थान जोधपुर एम्स में इलाज करवाकर लौटी, लेकिन फिर चौथे दिन डस लिया गया।अब अफसाना और उसका परिवार लगातार डर के माहौल में जीवन जीने को मजबूर है।यह मामला ना केवल स्थानीय, बल्कि चिकित्सा विशेषज्ञों के लिए भी आश्चर्य का विषय है।हर बार ज़हरीला सांप डसता है, फिर भी अफसाना का ठीक होना चमत्कार से कम नहीं।
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राजस्थान: हर दिन डर के साए में जी रही है अफसाना
अफसाना बानो अब हर पल यह सोचती है कि कहीं से फिर से सांप न आ जाए।खाना बनाते या सफाई करते समय भी सांप का डर उसके मन में समाया रहता है।उसके शरीर पर पुराने डसने के निशान हैं, जिससे उसकी बातों को झूठ नहीं कहा जा सकता।
परिवार वाले हमेशा उसके आस-पास सतर्क रहते हैं ताकि कोई हादसा फिर न हो जाए।घर में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, फिर भी डर बना रहता है।सांप का बार-बार आना एक सामान्य बात नहीं है, यह रहस्य अब गहराता जा रहा है।परिजनों का कहना है कि अब वे घर में हर तरफ निगरानी रखते हैं और सतर्क हैं।अफसाना कहती है, “मैं दिन-रात घबराहट में जीती हूं, सांप का डर पीछा नहीं छोड़ता।”इस डर के कारण अफसाना की मानसिक स्थिति भी धीरे-धीरे प्रभावित होती जा रही है।
मार्च महीने में अफसाना झाड़ू लगा रही थी, तभी पहली बार सांप ने उसे डसा।उसने पति मुस्ताक को फोन किया, जो तुरंत घर आया और अस्पताल लेकर चला गया।उन्होंने सांप के बच्चे को थैली में बंद किया और अफसाना को बांगड़ अस्पताल ले गए।डॉक्टरों ने तत्काल इलाज शुरू किया और अफसाना कुछ ही दिनों में पूरी तरह ठीक हो गई।लेकिन उसके बाद फिर अप्रैल में और फिर मई महीने में दो बार डसा गया।जून में भी दो बार सांप ने हमला किया, जिससे हालत और ज्यादा बिगड़ गई।पांचवीं बार इतनी गंभीर स्थिति हुई कि वेंटिलेटर पर दो दिन रखना पड़ा था उसे।राजस्थान जोधपुर एम्स में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने पूरी गंभीरता से इलाज किया।अफसाना हर बार समय पर अस्पताल पहुंची, जिससे उसकी जान बचती चली गई।
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इलाज के बाद भी फिर हुआ हमला, चौथे दिन फिर डसा
जोधपुर एम्स से इलाज करवाकर लौटने के चौथे दिन अफसाना को फिर सांप ने डसा।वह बाहर कपड़े सुखा रही थी, तभी अचानक सांप आकर पैर में डस कर चला गया।परिवार वालों ने तुरंत बिना देर किए उसे अस्पताल पहुंचाया और इलाज शुरू करवाया।तीन दिन तक अफसाना बांगड़ अस्पताल में भर्ती रही, फिर डॉक्टरों ने छुट्टी दी।अब परिवार वालों को चिंता है कि कब और कहां से सांप फिर आ जाएगा।अफसाना कहती है कि उसे अब जीवन भर यह डर साथ लेकर जीना होगा।स्थानीय लोग इस घटना को अंधविश्वास से जोड़ रहे हैं, लेकिन परिवार ने इनकार किया।परिजनों ने कहा कि झाड़-फूंक नहीं, सिर्फ इलाज से ही अब तक वह बची है।समय पर अस्पताल पहुंचाने और इलाज मिलने से उसकी हर बार जान बच पाई है।
मेडिकल कॉलेज राजस्थान के वरिष्ठ डॉक्टर एच.एम. चौधरी ने इस घटना को लेकर प्रतिक्रिया दी।उन्होंने कहा कि लगातार डसने से शरीर में एंटीबॉडी विकसित हो सकती हैं कुछ मामलों में।लेकिन आठ बार ज़हरीले सांप के काटने के बाद जीवित रहना चमत्कारिक बात है।डॉक्टर ने कहा कि ऐसा केस बेहद दुर्लभ होता है, इसके लिए गहन जांच ज़रूरी है।शरीर की प्रतिक्रिया औरहर बार के विष के असर की तुलना वैज्ञानिक रूप से करनी होगी।यह समझना होगा कि सांप एक ही प्रजाति का था या हर बार अलग-अलग था।मेडिकल साइंस के लिए यह केस एक रिसर्च का विषय बन सकता है भविष्य में।डॉक्टरों ने कहा कि डरना नहीं, बल्कि वैज्ञानिक सोच से आगे बढ़ना ज़रूरी है।फिलहाल अफसाना की स्थिति स्थिर है लेकिन आगे की निगरानी आवश्यक बताई गई है।


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