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    अमेरिकाThis satellite image from Planet Labs PBC shows the rubble of the Pilot Fuel Enrichment Plant at Iran's Natanz nuclear enrichment site on Dec. 3, 2025. (Planet Labs PBC via AP)

    मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। सैटेलाइट तस्वीरों से संकेत मिले हैं कि अमेरिका क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई एयरबेस पर लड़ाकू विमान, टैंकर और मिसाइल रक्षा प्रणालियों की तैनाती तेज हो गई है। इसके कारण हालात और गंभीर होते नजर आ रहे हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि इन गतिविधियों का संबंध ईरान के परमाणु कार्यक्रम से हो सकता है। अमेरिका ईरान के साथ न्यूक्लियर समझौता करना चाहता है। इसके साथ ही वह बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर रोक लगाने की मांग कर रहा है। हालांकि, ईरान ने इन शर्तों को स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया है। इसलिए दोनों देशों के बीच टकराव की आशंका बढ़ गई है।

    इस बीच, सैटेलाइट तस्वीरों में कतर के अल उदेद एयर बेस पर विमानों की संख्या में बढ़ोतरी देखी गई है। यहां मोबाइल पैट्रियट मिसाइल लॉन्चर भी तैनात किए गए हैं। इनका उद्देश्य संभावित मिसाइल हमलों से सुरक्षा करना बताया जा रहा है। वहीं, यह बेस अमेरिकी सेंट्रल कमांड का मुख्यालय भी माना जाता है।

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    अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर, सैन्य गतिविधियों में तेजी के संकेत

    इसके अलावा, जॉर्डन के मुवाफक साल्टी एयर बेस पर भी सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं। यहां एफ-15ई फाइटर जेट, ए-10 ग्राउंड अटैक विमान और एमक्यू-9 ड्रोन देखे गए हैं। साथ ही, सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर भारी माल ढोने वाले ट्रांसपोर्ट विमानों की संख्या बढ़ी है। इससे सैन्य तैयारियों के संकेत मिलते हैं।

    दूसरी ओर, ईरान भी अपनी परमाणु साइटों की सुरक्षा मजबूत कर रहा है। कई स्थानों पर सुरंगों और ठिकानों को मजबूत किया जा रहा है। फिलहाल दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है। हालांकि, सैन्य तैयारियों के कारण क्षेत्र में बड़े संघर्ष की आशंका बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति कूटनीतिक दबाव बढ़ाने की रणनीति भी हो सकती है।

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