दक्षिण कोरिया और अमेरिका की वायु सेनाओं ने इस सप्ताह संयुक्त हवाई अभ्यास शुरू किया। यह अभ्यास प्योंगटेक स्थित ओसान हवाई अड्डे पर आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान, दोनों देशों ने बढ़ी हुई हवाई गतिविधियां दर्ज की हैं। इसलिए, अभ्यास क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इसके अलावा, यह अभ्यास दोनों देशों के बीच सैन्य समन्वय को और मजबूत करता है। साथ ही, संयुक्त प्रशिक्षण से आपसी विश्वास और परिचालन क्षमता में वृद्धि होती है। नतीजतन, सहयोगी सेनाएं संभावित खतरों का प्रभावी जवाब देने में सक्षम बनती हैं।
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फ्रीडम एज अभ्यास से संयुक्त सैन्य तैयारी को मजबूती
यह अभ्यास ओसान में बटालियन स्तर पर बारी-बारी से आयोजित किया जाता है। मुख्य रूप से, इसका लक्ष्य वायु-से-वायु रणनीतियों का साझा प्रशिक्षण है। इसके साथ ही, चौथी और पाँचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान शामिल किए गए हैं। नतीजतन, संयुक्त परिचालन तत्परता को और मजबूती मिलती है। दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने इस अभ्यास को ओसान स्थित फ्रीडम एज नाम दिया। इसके तहत, समुद्र, वायु और साइबर क्षेत्र में समन्वय बढ़ाया जा रहा है।
साथ ही, उत्तर कोरिया से बढ़ते खतरों को ध्यान में रखा गया है। इस कारण, अभ्यास को रणनीतिक रूप से अहम बताया गया है। इस बीच, उत्तर कोरिया ने इसे शक्ति प्रदर्शन करार देते हुए आलोचना की। हालांकि, अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान ने संयुक्त अभ्यास जारी रखा। इस तरह, सहयोगी देश क्षेत्रीय स्थिरता का संदेश देना चाहते हैं। अंततः, यह अभ्यास गठबंधन की एकजुटता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
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