10 मिनट में डिलीवरी वाले क्विक कॉमर्स मॉडल को लेकर सरकार सख्त हो गई है। डिलीवरी कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने सीधे हस्तक्षेप किया है। सरकारी दखल के बाद Blinkit ने अपने सभी ब्रांड्स से 10 मिनट डिलीवरी फीचर हटाने का ऐलान कर दिया है। श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने इस मुद्दे पर क्विक कॉमर्स सेक्टर में सक्रिय कंपनियों से बातचीत की थी, जिसका असर अब साफ़ दिखाई देने लगा है। Blinkit अपने प्लेटफॉर्म पर 10 मिनट में डिलीवरी का दावा हटाने जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, Blinkit के बाद अन्य क्विक कॉमर्स कंपनियां भी जल्द ही इसी तरह का फैसला कर सकती हैं।
केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया को सभी कंपनियों ने आश्वासन दिया है कि वे अपने विज्ञापनों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से 10 मिनट में डिलीवरी की समय सीमा हटा देंगी।बताया जा रहा है कि मनसुख मांडविया ने Blinkit, Zepto, Swiggy और Zomato के वरिष्ठ अधिकारियों से इस मुद्दे पर चर्चा की थी। बातचीत के दौरान मंत्री ने डिलीवरी के लिए तय समय सीमा हटाने पर जोर दिया, जिस पर सभी कंपनियों ने सहमति जताई। गौरतलब है कि डिलीवरी कर्मियों की सुरक्षा को लेकर देशभर में 10 मिनट डिलीवरी मॉडल के खिलाफ विरोध तेज़ हो गया था। यह मुद्दा संसद में भी उठ चुका है और सोशल मीडिया पर भी इसके विरोध में लगातार अभियान चल रहा था। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर लाखों डिलीवरी कर्मियों ने वेतन वृद्धि और डिलीवरी टाइम लिमिट हटाने की मांग को लेकर हड़ताल की थी।

