पाकिस्तान और चीन ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान की ज़मीन किसी अन्य देश के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों में इस्तेमाल नहीं होनी चाहिए। यह बयान पाकिस्तान-चीन विदेश मंत्रियों की सातवीं रणनीतिक बैठक समाप्त होने के बाद सोमवार को जारी किया गया। बैठक में उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मोहम्मद इसहाक़ डार बीजिंग में मौजूद थे।
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अफ़ग़ानिस्तान और क्षेत्रीय सुरक्षा पर दोनों देशों की प्रतिबद्धता
बयान में कहा गया कि दोनों पक्ष अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद आतंकवादी समूहों को पूरी तरह समाप्त करने के लिए ज़्यादा प्रयास करेंगे। दोनों देशों ने अफ़ग़ानिस्तान के मुद्दे पर करीबी संपर्क और तालमेल बनाए रखने का संकल्प भी लिया।
संयुक्त बयान में पाकिस्तान ने ‘वन चाइना’ सिद्धांत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और ताइवान को चीन का हिस्सा बताया। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह बयान क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। दोनों देशों के तालमेल से अफ़ग़ानिस्तान में स्थिरता बढ़ाने और वैश्विक आतंकवाद रोकने में मदद मिलने की संभावना है।
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