वेनेजुएला के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की निगाहें ग्रीनलैंड पर टिकी हैं। उन्होंने लगातार ग्रीनलैंड पर कब्जे की धमकी दी और अब वहां से रूस के खतरे को हटाने का संकल्प भी लिया है। इसके साथ ही, ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर पोस्ट में कहा कि डेनमार्क लंबे समय से रूस को ग्रीनलैंड से दूर रखने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अब समय आ गया है और अमेरिका इसे सफल बनाएगा। इसके अलावा, उन्होंने यह पोस्ट यूरोपीय संघ की आपात बैठक के फैसलों के बाद लिखी, जिसमें यूरोपीय संघ ने अमेरिका को यूरोप के बाजारों से बाहर करने का निर्णय लिया और 6 फरवरी से 9767 करोड़ रुपये का टैरिफ लगाने की घोषणा की।
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ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर कब्जे की चेतावनी दी
ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर चेतावनी दी और साथ ही यूरोपीय देशों को धमकी दी कि अगर इसे नहीं दिया गया, तो वह सभी पर टैरिफ लगा देंगे। इसके बाद, उन्होंने कहा कि ग्रीनलैंड में रूस और चीन की मौजूदगी अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है और नाटो के सुरक्षा पैक्ट में यह क्षेत्र शामिल है।
फिलहाल, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के नेताओं ने स्पष्ट कर दिया कि यह उपमहाद्वीप बेचा नहीं जाएगा और कभी भी अमेरिका का हिस्सा नहीं बनेगा। ट्रंप ने ट्रुथ पर लिखा कि “नाटो पिछले 20 साल से डेनमार्क से कह रहा है कि उसे रूसी खतरे को दूर करना होगा, लेकिन डेनमार्क अब तक कोई कदम नहीं उठा सका। अब समय आ गया है और इस पर कार्रवाई की जाएगी।” व्हाइट हाउस, डेनिश राष्ट्रपति कार्यालय, यूरोपीय संघ और डेनमार्क के विदेश मंत्रालय ने अभी तक ट्रंप के बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। ट्रंप पहले भी कई बार कह चुके हैं कि वह ग्रीनलैंड का मालिकाना हक चाहते हैं।
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