उत्तर प्रदेश के बरेली में एक कैफ़े में जन्मदिन पार्टी के दौरान कुछ लोगों ने जबरन घुसकर हंगामा किया। सीओ सिटी आशुतोष शिवम के अनुसार, 27 दिसंबर को आरोपी नारेबाज़ी करते हुए कैफ़े में घुसे। उन्होंने वहां मौजूद छात्रों से नाम पूछने शुरू किए और माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। कैफ़े मालिक शैलेंद्र गंगवार ने प्रेम नगर थाने में तहरीर दी, जिसके आधार पर मुक़दमा दर्ज हुआ। पुलिस ने बीएनएस की धारा 333 सहित अन्य धाराओं में आरोपी के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। कैफ़े मालिक ने बताया कि पार्टी में नर्सिंग कॉलेज की छात्रा अपने दोस्तों के साथ मौजूद थी। यह एक सामान्य जन्मदिन समारोह था, लेकिन आरोपियों ने ‘लव जिहाद’ का आरोप लगाते माहौल खराब किया।
Also Read: तान्या मित्तल: आलीशान घर के बाद अब कारोबार को लेकर खुलासा
जांच में आरोप निराधार पाए गए, पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल
पुलिस जांच में स्पष्ट हुआ कि कैफ़े में केवल जन्मदिन पार्टी ही चल रही थी। किसी भी तरह की अवैध या आपत्तिजनक गतिविधि इस दौरान नहीं हो रही थी। पुलिस के अनुसार पार्टी में छह लड़कियां और चार लड़के शामिल थे, सभी एक ही कॉलेज के। वायरल वीडियो में हंगामा करने वाले लोग पार्टी में शामिल युवाओं से पूछताछ करते दिखाई देते हैं। कुछ युवाओं के साथ मारपीट होती है, जबकि लड़कियां रोती हुई घर जाने की गुहार लगाती हैं। शुरुआत में पुलिस ने केवल दो युवकों पर शांति भंग की कार्रवाई की, जिसके बाद आलोचना हुई।
बढ़ते दबाव के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। इस मामले के बाद राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ हो गई और विपक्षी दलों ने सवाल उठाए। विपक्ष ने कानून-व्यवस्था और पुलिस की भूमिका पर सार्वजनिक रूप से गंभीर सवाल खड़े किए। वहीं ऋषभ ठाकुर ने दावा किया कि उन्होंने धर्म की रक्षा के लिए कदम उठाए। पुलिस और कैफ़े मालिक दोनों ने इन दावों को बेबुनियाद और गलत बताया।

