मध्य प्रदेश के रहने वाले 20 वर्षीय सुरेंद्र सिंह चौधरी, जिन्हें सोशल मीडिया पर ‘बिट्टू तबाही’ के नाम से जाना जाता है, इन दिनों काफी चर्चा में हैं। अजनार नदी की सफाई के उनके अनोखे प्रयास ने सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान खींचा। बिट्टू ने अकेले नदी में जमा प्लास्टिक कचरे, काई और मलबे को हटाने का काम शुरू किया था। उनके सफाई अभियान के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए। इसके बाद देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी उनके काम की सराहना होने लगी।
द ओशन क्लीनअप के CEO ने दिया साथ काम करने का ऑफर
बिट्टू तबाही के इस काम ने ‘द ओशन क्लीनअप’ के फाउंडर और CEO बोयन स्लैट का भी ध्यान आकर्षित किया। बोयन स्लैट नीदरलैंड्स की संस्था के प्रमुख हैं, जो समुद्र में बढ़ते प्लास्टिक प्रदूषण से निपटने के लिए काम करती है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बिट्टू के सफाई अभियान से जुड़ी एक पोस्ट देखी। इसके बाद उन्होंने उस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए बिट्टू को अपने साथ काम करने का ऑफर दिया। उनका संदेश बेहद छोटा था, लेकिन बिट्टू के लिए यह बड़ा अवसर माना जा रहा है।
सुरेंद्र सिंह चौधरी मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा के रहने वाले हैं। सोशल मीडिया पर वह ‘बिट्टू तबाही’ नाम से अपनी पहचान बना चुके हैं। उन्होंने इसी साल जनवरी में अजनार नदी की सफाई का अभियान शुरू किया था। इस दौरान वह अकेले ही नदी से प्लास्टिक, काई और जमा हुआ कचरा निकालते नजर आए। उन्होंने अपने इस अभियान के कई वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किए, जिन्हें लोगों ने खूब पसंद किया। जानकारी के अनुसार, उन्होंने अब तक इस प्रोजेक्ट पर करीब 30 हजार रुपये खर्च किए हैं।
नदी की सफाई से वायरल हुए बिट्टू तबाही
बिट्टू ने अजनार नदी में सफाई के लिए किसी बड़ी टीम या मशीन का इंतजार नहीं किया। उन्होंने खुद ही नदी में उतरकर हाथों से कचरा और मलबा हटाना शुरू किया। उनके काम को रिकॉर्ड करने वाले वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए तो लोगों ने उनकी मेहनत की सराहना की। एक X यूजर ने भी उनकी कहानी शेयर करते हुए बताया कि वह कई महीनों से अकेले नदी की सफाई कर रहे हैं। पोस्ट में नदी की सफाई से पहले और बाद की तस्वीरें भी साझा की गई थीं। इन्हीं तस्वीरों और वीडियो ने बिट्टू के काम को बड़े स्तर पर पहुंचाया।
बोयन स्लैट ‘द ओशन क्लीनअप’ के फाउंडर और CEO हैं। उनकी संस्था समुद्र और नदियों में मौजूद प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने के लिए समाधान विकसित करती है। संस्था का उद्देश्य प्लास्टिक कचरे की समस्या से निपटने के लिए प्रभावी तकनीक और बड़े स्तर पर सफाई अभियान चलाना है। बिट्टू के जमीनी स्तर पर किए गए सफाई अभियान ने स्लैट का ध्यान अपनी ओर खींचा। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर बिट्टू को अपने साथ काम करने के लिए आमंत्रित किया। उनके इस ऑफर के बाद बिट्टू की कहानी एक बार फिर चर्चा में आ गई।

