ईरान में पिछले एक हफ्ते से जारी भीषण हिंसा रुकने का नाम बिलकुल नहीं ले रही है। हिंसक प्रदर्शनों के दौरान अब तक पैंतीस लोगों की जान गई और कई अन्य घायल हुए। ईरानी प्रशासन ने बिगड़ते हालात काबू करने के लिए बारह सौ से अधिक लोगों को हिरासत लिया। मानवाधिकार एजेंसी के मुताबिक मरने वालों में उनतीस प्रदर्शनकारी और चार बच्चे तथा दो सुरक्षाकर्मी हैं। ईरान के इकतीस में से सत्ताईस प्रांत फिलहाल इस समय भीषण हिंसा से बुरी तरह प्रभावित हैं। प्रदर्शनकारी देशभर में दो सौ पचास से ज्यादा स्थानों पर लगातार बेहद उग्र प्रदर्शन कर रहे हैं। ईरान के भीतर इस हिंसा में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या अब लगातार बढ़ रही। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को तेहरान को शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को मारने पर कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अमेरिका इन प्रदर्शनकारियों के समर्थन में पूरी मजबूती के साथ हमेशा खड़ा रहेगा।
ईरान में आर्थिक संकट और मुद्रा के भारी अवमूल्यन के बाद सरकार विरोधी प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया
साल दो हजार बाईस के बाद ईरान में पहली बार इतने व्यापक विरोध प्रदर्शन देखे गए। पुलिस हिरासत में बाईस वर्षीय महसा अमिनी की दुखद मृत्यु के बाद देशभर में हिंसा भड़की। पुलिस ने हिजाब नियमों के उल्लंघन के आरोप में देश की कई महिलाओं को हिरासत लिया। वर्तमान समय में ईरान के भीतर सुरक्षा और कानून व्यवस्था के हालात लगातार खराब होते जा रहे। इजरायल के साथ बारह दिन के लंबे संघर्ष के बाद अमेरिका ने तेहरान पर एयर स्ट्राइक की। दिसंबर में ईरानी मुद्रा अपने रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई और हिंसा हर जगह फैल गई। हालांकि ईरान को लेकर डोनाल्ड ट्रंप की वर्तमान रणनीति अब तक पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है। राष्ट्रपति बातचीत के जरिए समाधान निकालेंगे या फिर सैन्य कार्रवाई करेंगे यह अभी तक तय नहीं। वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई के बाद मिडिल ईस्ट में हालात और अधिक बिगड़ने की गहरी आशंका है।
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