इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर मोंटी पनेसर ने शुभमन गिल की कप्तानी क्षमता पर सवाल उठाए। एएनआई से बातचीत में पनेसर ने कहा कि गिल में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। पनेसर ने कहा कि ऐसे मौकों पर गिल अक्सर लापरवाह हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि दबाव की परिस्थितियों में गिल का रवैया प्रभावी नहीं रहता। उन्होंने इसे कप्तानी के नजरिये से चिंता का विषय बताया। पनेसर का मानना है कि गिल अभी क्रिकेट के सभी फॉर्मेट की कप्तानी के लिए उपयुक्त नहीं हैं। उन्होंने कहा कि गिल में एक कप्तान के लिए जरूरी जोश की कमी नजर आती है। पनेसर ने कहा कि विराट कोहली अपनी एनर्जी और जुनून के दम पर खुद को अन्य खिलाड़ियों से अलग बनाते हैं।
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शुभमन गिल में आक्रामकता की कमी: मोंटी पनेसर
पनेसर ने बताया कि शुभमन गिल बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं, लेकिन वह कई बार लापरवाह शॉट खेल देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सभी फॉर्मेट की कप्तानी का दबाव गिल पर भारी पड़ सकता है। पनेसर के अनुसार, इसी वजह से गिल ऑल फॉर्मेट कप्तान बनने के लिए उपयुक्त नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कोहली की इंटेंसिटी और आक्रामकता हर फॉर्मेट में साफ नजर आती है। पनेसर ने माना कि गिल के लिए हर फॉर्मेट में उसी स्तर की तीव्रता बनाए रखना मुश्किल है। मोंटी पनेसर ने कहा कि सीनियर खिलाड़ियों के संन्यास के बाद भारतीय टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है।
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पनेसर ने कहा कि मौजूदा समय में भारतीय टीम टेस्ट क्रिकेट में कमजोर दिखती है। उन्होंने इसे एक कड़वी लेकिन सच्ची हकीकत बताया। पनेसर ने कहा कि जब एक साथ तीन बड़े खिलाड़ी रिटायर होते हैं, तो उनके विकल्प तैयार करना आसान नहीं होता। उन्होंने जोड़ा कि ऐसे बदलावों में समय लगना स्वाभाविक है। पनेसर के अनुसार, टी20 और वनडे में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी जरूरी नहीं कि टेस्ट में भी सफल हों। उन्होंने कहा कि रणजी ट्रॉफी और भारतीय टेस्ट टीम के स्तर के बीच अभी भी बड़ा अंतर मौजूद है।
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