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पटना में NEET की छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी पड़ताल और तेज कर दी है। इस केस में अब DNA सैंपल, CCTV फुटेज और फॉरेंसिक रिपोर्ट को सबसे अहम सबूत माना जा रहा है। शंभू गर्ल्स हॉस्टल और उसके आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना से पहले और बाद में वहां कौन-कौन मौजूद था और छात्रा की आखिरी गतिविधियां क्या थीं।
SIT ने इस मामले में कई संदिग्धों के DNA सैंपल भी जुटाए हैं, जिनका मिलान फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट से किया जाएगा। जांच एजेंसियों का मानना है कि DNA और मेडिकल रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो सकेगा कि छात्रा की मौत सामान्य परिस्थितियों में हुई या इसके पीछे किसी तरह की जबरदस्ती, हिंसा या अन्य गंभीर अपराध शामिल था। फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए वैज्ञानिक आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच के अंतिम नतीजे आने के बाद ही यह तय किया जा सकेगा कि इस मामले में कौन दोषी है और घटना के पीछे की पूरी सच्चाई क्या है। SIT ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी सबूतों की गहनता से जांच की जाएगी, ताकि किसी निर्दोष को नुकसान न पहुंचे और पीड़िता को न्याय मिल सके।


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