• Tue. Mar 10th, 2026
    नेहरू

    भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने एक बार फिर कांग्रेस और नेहरू–गांधी परिवार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि नेहरू–गांधी परिवार के कार्यकाल, नीतियों और कथित भ्रष्टाचार के कारण देश को भारी नुकसान हुआ। इसी को सामने लाने के लिए एक विशेष लाइब्रेरी स्थापित की जाएगी।दुबे के अनुसार, यह लाइब्रेरी आने वाली पीढ़ियों के लिए उपयोगी होगी। साथ ही, यह शोध करने वाले छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन केंद्र के रूप में काम करेगी।

    इस बीच, समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में निशिकांत दुबे ने बताया कि जब उन्होंने यह मुद्दा संसद में उठाया, तो उन्हें कई लोगों के फोन आए। वहीं, उन्होंने यह भी कहा कि पिछले सत्र में प्रियंका गांधी ने सुझाव दिया था कि एक बार नेहरू पर चर्चा कर ली जाए।

    नेहरू–गांधी शासनकाल की समस्याओं पर दुबे की टिप्पणी

    इसके बाद, दुबे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद उन्हें लगा था कि देश डिजिटल और सोशल मीडिया के दौर में आगे बढ़ चुका है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि नेहरू–गांधी परिवार के शासनकाल के दौरान देश के सामने जो समस्याएं थीं, वे आज भी संसद में उठ रही हैं।उनके अनुसार, देश की कई प्रमुख समस्याओं की जड़ नेहरू–गांधी परिवार के फैसलों से जुड़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की मौजूदा लड़ाई पाकिस्तान के खिलाफ है।

    Also Read: वैभव सूर्यवंशी के 175 रन से भारत ने इंग्लैंड पर दबदबा बनाया

    इसके अलावा, निशिकांत दुबे ने कहा कि देश से जुड़े कई अहम ऐतिहासिक सवालों पर आज भी जवाब तलाशे जा रहे हैं। उन्होंने खास तौर पर पाकिस्तान के गठन और उसके पीछे की परिस्थितियों का जिक्र किया।उन्होंने जम्मू-कश्मीर के उस हिस्से का भी उल्लेख किया, जिसे पीओके कहा जाता है। दुबे ने कहा कि भारत उस क्षेत्र को अपना अभिन्न हिस्सा मानता है। उन्होंने यह जानना जरूरी बताया कि वह क्षेत्र पाकिस्तान के कब्जे में कैसे गया।

    वहीं दूसरी ओर, दुबे ने अंग्रेजों के भारत छोड़ने के समय की परिस्थितियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस दौरान नेपाल, भूटान और तिब्बत को बफर देशों के रूप में रखा गया था। इस वजह से भारत और चीन के बीच सीधा सीमा संपर्क नहीं था।साथ ही, उन्होंने तिब्बत को मान्यता देने और उससे जुड़े फैसलों पर सवाल उठाए। इसके बाद, उन्होंने 1960–61 के दौरान चीन के साथ हुए घटनाक्रम का जिक्र किया। उन्होंने डोकलाम जैसे मुद्दों का भी उल्लेख किया। दुबे के अनुसार, इन फैसलों से भारत को बड़ा क्षेत्रीय और रणनीतिक नुकसान हुआ।

    नेहरू–गांधी युग के निर्णयों से जुड़े विवाद

    इसी क्रम में, बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया कि जनरल करियप्पा से जुड़ी समिति के गठन से सशस्त्र बलों का मनोबल प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा कि देश की मौजूदा कई समस्याएं नेहरू–गांधी परिवार की सत्ता-केंद्रित राजनीति का नतीजा हैं।उन्होंने कहा कि ऐसे ऐतिहासिक तथ्यों को जनता के सामने लाना जरूरी है। इसी उद्देश्य से, उन्होंने नेहरू–गांधी परिवार से जुड़े इतिहास पर एक विशेष लाइब्रेरी स्थापित करने का फैसला लिया है।

    साथ ही, दुबे ने लोगों से अपील की कि यदि कोई महत्वपूर्ण पुस्तक छूट गई हो, तो उसकी जानकारी दें। इससे लाइब्रेरी को और समृद्ध किया जा सकेगा।इस बीच, बुधवार को संसद में उस समय भारी हंगामा देखने को मिला, जब लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान निशिकांत दुबे ने कुछ किताबें लहराईं। उन्होंने इन पुस्तकों के हवाले से गांधी–नेहरू परिवार को लेकर बयान दिया।

    Also Read: ईरान की खोर्रमशहर-4 मिसाइल से बढ़ी चिंता, यूरोप से इजरायल तक निशाने की जद में

    Share With Your Friends If you Loved it!
    One thought on “नेहरू-गांधी परिवार के इतिहास को समर्पित लाइब्रेरी बनाने की घोषणा”

    Comments are closed.