मई में चार दिनों तक चले संघर्ष के बाद दोनों देशों के लोगों के बीच यह पहला संपर्क है। पाकिस्तान सरकार ने गुरु नानक देव जी की जयंती के लिए भारतीय सिखों को 2,150 वीजा जारी किए थे।
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अटारी-वाघा से पहुंचे सिख श्रद्धालुओं का लाहौर में सम्मान
गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर लगभग 2,100 भारतीय सिख श्रद्धालु मंगलवार को वाघा सीमा के रास्ते पाकिस्तान पहुंचे। मई में चार दिनों तक चले संघर्ष के बाद दोनों देशों के लोगों के बीच यह पहला संपर्क है। पाकिस्तान सरकार ने गुरु नानक देव जी की जयंती के लिए भारतीय सिखों को 2,150 वीजा जारी किए थे। अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज की अगुवाई में श्रद्धालु अटारी-वाघा सीमा पार कर लाहौर पहुंचे, जहां पंजाब प्रांत के मंत्री रमेश सिंह अरोड़ा और पाकिस्तान इवैक्यूई ट्रस्ट बोर्ड (ईटीबी) के अधिकारियों ने फूल बरसाकर गर्मजोशी से उनका स्वागत किया।
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गुरु नानक सजाए गए गुरुद्वारे
ईटीपीबी के प्रवक्ता गुलाम मोहिउद्दीन ने कहा, भारतीय तीर्थयात्री विशेष बसों से गुरुद्वारा जन्मस्थान, ननकाना साहिब रवाना हुए। गुरु नानक जयंती का मुख्य समारोह बुधवार को लाहौर से लगभग 80 किलोमीटर दूर गुरुद्वारा जन्मस्थान में आयोजित होगा। जन्मस्थान और करतारपुर सहित सभी गुरुद्वारों को रोशनी से खूबसूरती से सजाया गया है। यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालु लाहौर स्थित ननकाना साहिब और करतारपुर साहिब सहित अन्य ऐतिहासिक गुरुद्वारों में मत्था टेकेंगे।पहलगाम हमले व फिर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दोनों देशों में बढ़े तनाव के बाद श्रद्धालुओं का यह पहला जत्था पाकिस्तान पहुंचा है।
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