झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया जंगल में हुए एयर एंबुलेंस हादसे ने सात जिंदगियां छीन लीं और कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। हादसे में रांची के डॉक्टर विकास गुप्ता भी शामिल थे, जिन्हें उनके पिता ने जमीन बेचकर और कर्ज लेकर पढ़ाया था। परिवार ने बड़ी उम्मीदों के साथ उन्हें डॉक्टर बनाया था, लेकिन इस दर्दनाक दुर्घटना ने उनके सपनों को एक झटके में तोड़ दिया।
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रांची के डॉक्टर विकास गुप्ता समेत कई परिवारों की उम्मीदें टूटीं, हादसे से इलाके में शोक की लहर
सिमरिया के जंगलों में गिरी एयर एंबुलेंस का मलबा जब बरामद हुआ, तो उसके नीचे सात लोगों के शव मिले। अधिकारियों ने तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू किया, लेकिन किसी को बचाया नहीं जा सका। हादसे की खबर जैसे ही मृतकों के घर पहुंची, वहां चीख-पुकार मच गई और खुशियां मातम में बदल गईं।
स्थानीय प्रशासन और बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और जांच प्रक्रिया शुरू की। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच की जा रही है। इस दुर्घटना ने एक बार फिर एयर एंबुलेंस सेवाओं की सुरक्षा और निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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