केंद्रीय गृह मंत्रालय के पूर्व अंडर सेक्रेटरी आरवीएस मणि ने पाकिस्तान क्रिकेट टीम और उसके डेलिगेशन को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2006-07 के दौरान भारत आने वाले कुछ पाकिस्तानी डेलिगेशन ड्रग्स ट्रैफिकिंग में शामिल थे। उन्होंने अपने दावे में पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर और मोहम्मद आसिफ का नाम भी लिया। मणि ने कहा कि इन खिलाड़ियों ने कथित तौर पर पाकिस्तानी हाई कमीशन के सामने ड्रग्स लाने की बात स्वीकार की थी, जिसके बाद उन्हें वापस भेज दिया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित खिलाड़ियों की ओर से इस दावे पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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ड्रग्स तस्करी और आतंकी फंडिंग के संबंध का किया दावा
आरवीएस मणि केंद्रीय सचिवालय सेवा के अधिकारी रह चुके हैं और उन्होंने 2006 से 2010 के बीच गृह मंत्रालय के आंतरिक सुरक्षा डिवीजन में अंडर सेक्रेटरी के तौर पर काम किया था। इस दौरान वे जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर और आतंकवाद से जुड़े संवेदनशील मामलों को देखते थे। उन्होंने अगस्त 2013 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी। हाल ही में एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान उन्होंने अपने कार्यकाल से जुड़े अनुभव साझा किए और दावा किया कि भारत में आतंकवाद की फंडिंग में ड्रग्स ट्रैफिकिंग की बड़ी भूमिका रही है।
मणि ने कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान सुरक्षा एजेंसियों के आकलन के अनुसार भारत में होने वाले कई आतंकी हमलों की फंडिंग ड्रग्स तस्करी से जुड़ी थी। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान से आने वाले कुछ डेलिगेशन और टीमें इस तरह की गतिविधियों में शामिल थीं। उन्होंने इसे पाकिस्तान की कथित रणनीति का हिस्सा बताया। मणि ने यह भी कहा कि सुरक्षा एजेंसियां लगातार ऐसी गतिविधियों पर नजर रखती थीं और गृह मंत्रालय को समय-समय पर रिपोर्ट भेजी जाती थीं।
बॉब वूल्मर की मौत का भी किया जिक्र
पूर्व अधिकारी ने पाकिस्तान क्रिकेट टीम के तत्कालीन कोच बॉब वूल्मर की मौत का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि वूल्मर पाकिस्तानियों द्वारा ड्रग्स ट्रैफिकिंग का विरोध कर रहे थे और इसके कुछ समय बाद उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। गौरतलब है कि बॉब वूल्मर की मौत 18 मार्च 2007 को जमैका के किंग्सटन में हुई थी। 2007 क्रिकेट वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की आयरलैंड से हार के अगले दिन वह अपने होटल कमरे में अचेत अवस्था में मिले थे। बाद में अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी। हालांकि, वूल्मर की मौत और ड्रग्स तस्करी के बीच किसी संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पॉडकास्ट में आरवीएस मणि ने यह भी कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच लोगों के स्तर पर संपर्क को लेकर कई बार गलत धारणाएं बनाई गईं। उन्होंने दावा किया कि सुरक्षा एजेंसियों के पास कई मूवमेंट रिपोर्ट और इनपुट मौजूद थे, लेकिन अलग-अलग विभाग अपने स्तर पर कार्रवाई करते थे। उन्होंने कहा कि उस समय अधिकारियों के लिए ऐसी सूचनाएं बेहद चिंताजनक होती थीं। मणि ने जलालाबाद में अफीम की खेती और भारत में आतंकी गतिविधियों के बीच कथित संबंधों का भी उल्लेख किया और कहा कि सुरक्षा एजेंसियां ऐसे पैटर्न पर नजर रखती थीं। उनके इन बयानों ने अब एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।

