नागपुर में किसानों द्वारा की जा रही अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन के कारण सड़कें जाम हो गईं हैं। महाराष्ट्र के किसानों ने पूर्ण ऋण माफी की मांग को लेकर बच्चू कडू के नेतृत्व में पिछले दो दिनों से धरना शुरू किया है। बुधवार को किसानों ने नागपुर-मुंबई समृद्धि राजमार्ग को दो घंटे तक पूरी तरह जाम कर दिया। ट्रक चालक और यात्री इस जाम के कारण फंसे हुए हैं, जिससे यातायात पर भारी असर पड़ा है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार को चेतावनी दी कि वे अपनी मांगों को लेकर सख्त हैं। किसानों का कहना है कि यह धरना उनके अधिकारों की निर्णायक लड़ाई है। इसके बावजूद, सरकार ने इस मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिसके चलते किसानों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है।
नागपुर सरकार को लेकर किसानों की नाराजगी और चेतावनी
स्वराज्य पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष प्रशांत डिक्कर ने कहा कि अगर सरकार किसानों के आंदोलन को नजरअंदाज करती है, तो वे राज्यभर में एक बड़ा आंदोलन करेंगे। उन्होंने सरकार से कड़ी ऋण माफी की मांग की है। डिक्कर ने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में सरकार गंभीरता से कदम नहीं उठाती है, तो यह आंदोलन और बढ़ेगा। किसानों की यह चेतावनी राज्य सरकार के लिए चुनौती बन सकती है। कर्ज माफी के मुद्दे पर सरकार की स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण किसान आंदोलन को और तेज कर सकते हैं। यह आंदोलन अब सिर्फ नागपुर तक सीमित नहीं रह सकता, क्योंकि किसानों ने इसे राज्यव्यापी बनाने की धमकी दी है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने किसानों के आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार शुरू से ही सकारात्मक रही है। फड़नवीस ने बताया कि आंदोलन से पहले सरकार ने बैठक बुलाकर इस मुद्दे पर चर्चा करने का प्रयास किया था। सरकार ने यह भी तय किया था कि सभी मुद्दों का समाधान बातचीत से निकाला जाएगा। हालांकि, बच्चू कडू ने सरकार से मिलने का वादा करके भी बैठक में नहीं आए। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों से संपर्क करने की कोशिश जारी रखी जा रही है। इस आंदोलन के कारण रास्तों पर यातायात ठप हो गया है, जिससे आम लोगों को परेशानी हो रही है। इसके बावजूद, सीएम ने सरकार की भूमिका को स्पष्ट करते हुए इस मुद्दे को हल करने के लिए सरकार की कोशिशें जारी रखने की बात कही।
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कर्ज माफी पर सीएम का जवाब और भविष्य की दिशा
सीएम फड़नवीस ने कहा कि कर्ज माफी के मामले में सरकार ने स्पष्ट रूप से अपना रुख जाहिर किया है। उन्होंने बताया कि सरकार किसानों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से करना चाहती है। फड़नवीस ने यह भी कहा कि कर्ज माफी के लिए कमेटी भी गठित की गई है। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि किसानों को समय पर कर्ज माफी दी जाएगी, लेकिन यह प्रक्रिया थोड़ा समय ले सकती है। सीएम ने कहा कि कर्ज माफी सीधे किसानों तक नहीं पहुंचेगी, बल्कि पहले बैंकों में जाएगा। इसके बाद किसानों को धन मिलेगा। किसानों की मदद करना सरकार की प्राथमिकता है, लेकिन बैंकों से सीधे मदद पहुंचाने के बजाय सरकार अब किसानों को राहत देने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने उन किसानों की मदद के लिए पहले ही कदम उठाए हैं जिनकी फसल बर्बाद हो गई है। सरकार को यह समझने में कोई देरी नहीं हो रही कि किसानों की समस्याएं गंभीर हैं। सीएम ने कहा कि सरकार किसानों को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक कर रही है और इस आंदोलन के समाधान के लिए व्यापक रणनीति तैयार कर रही है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे सरकार पर विश्वास रखें और आंदोलन को और बढ़ाने से बचें। फड़नवीस ने यह भी कहा कि राज्य सरकार किसानों की मदद के लिए कई योजनाओं को लागू करने की दिशा में काम कर रही है।
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