केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राज्य का नाम ‘केरल’ से बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह फैसला नए पीएम कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ में आयोजित पहली कैबिनेट बैठक में लिया गया। इसी बैठक में देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और कनेक्टिविटी बढ़ाने के उद्देश्य से कुल ₹12,236 करोड़ के विभिन्न विकास प्रोजेक्ट्स को भी स्वीकृति दी गई, जिनमें रेलवे और शहरी परिवहन से जुड़े कई अहम प्रोजेक्ट शामिल हैं।
इस निवेश का बड़ा हिस्सा रेलवे विस्तार पर केंद्रित है। गोंदिया-जबलपुर रेल लाइन के दोहरीकरण के लिए ₹5,236 करोड़ आवंटित किए गए हैं। वहीं पुनरख-किऊल रेलखंड की तीसरी और चौथी लाइन के लिए ₹2,668 करोड़ तथा गम्हरिया-चांडिल सेक्शन के विस्तार हेतु ₹1,168 करोड़ मंजूर किए गए हैं। इसके अलावा श्रीनगर में ₹1,667 करोड़ की लागत से एक नए इंटीग्रेटेड एयरपोर्ट टर्मिनल के निर्माण और अहमदाबाद मेट्रो के फेज-2 विस्तार के लिए ₹1,067 करोड़ को भी हरी झंडी मिली है।
कैबिनेट ने नीतिगत और कृषि क्षेत्र से जुड़े फैसलों पर भी मुहर लगाई। ऊर्जा क्षेत्र की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए पावर सेक्टर में सुधारों को मंजूरी दी गई। साथ ही किसानों को वित्तीय सुरक्षा देने के उद्देश्य से कच्चे जूट के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया गया, जिसके लिए ₹430 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
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कैबिनेट का बड़ा फैसला: इंफ्रास्ट्रक्चर और रेलवे परियोजनाओं को ₹12,236 करोड़ की मंजूरी, केरल का नाम अब ‘केरलम’
बैठक सुबह 11 बजे शुरू हुई थी। पिछली बैठक 13 फरवरी को साउथ ब्लॉक स्थित पुराने पीएम कार्यालय में हुई थी, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐतिहासिक निर्णयों से जुड़ी यादें साझा की थीं। उन्होंने बताया कि देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को शुरुआती कैबिनेट बैठकें राष्ट्रपति भवन में करनी पड़ी थीं और साउथ ब्लॉक के वार रूम में कई महत्वपूर्ण युद्ध रणनीतियां तैयार की गई थीं।
प्रधानमंत्री कैबिनेट बैठकों में केवल एजेंडे तक सीमित चर्चा नहीं करते, बल्कि सप्ताहभर की महत्वपूर्ण घटनाओं पर भी विचार-विमर्श करते हैं और मंत्रियों से फीडबैक लेते हैं। साथ ही उन्होंने मंत्रियों को सकारात्मक माहौल बनाने के लिए बैठक में अच्छी खबर साझा करने की परंपरा भी शुरू की है।
कैबिनेट सचिवालय को भी अब सेवा तीर्थ में स्थानांतरित कर दिया गया है और इसके पास ही नया प्रधानमंत्री आवास तैयार किया जा रहा है। भविष्य में संसद भवन, पीएमओ और अन्य मंत्रालयों के कार्यालय एक ही परिसर में होने से वीवीआईपी मूवमेंट के कारण होने वाले ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा, आज की बैठक में जर्मनी और कनाडा के साथ दुर्लभ खनिज क्षेत्र में सहयोग समझौतों को मंजूरी मिलने की संभावना जताई जा रही है। इन समझौतों का उद्देश्य भारत की रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना और लीथियम, कोबाल्ट व निकल जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति सुनिश्चित करना है, जिससे ऊर्जा सुरक्षा और आधुनिक तकनीकी विकास को बढ़ावा मिल सके।
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