UAE राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान का भारत दौरा सोमवार से शुरू हुआ। उन्होंने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। बैठक का उद्देश्य भारत-UAE रणनीतिक बातचीत को नई दिशा देना है। साथ ही, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होगी। वर्तमान में पश्चिम एशिया में हालात तनावपूर्ण हैं। यमन और गाजा में भी स्थिति गंभीर है। इसलिए, क्षेत्रीय मुद्दे इस बैठक में अहम बने रहेंगे। इस दौरे में दोनों देशों के बीच भारत-UAE रणनीतिक बातचीत को मजबूत किया जाएगा।
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व्यापार और ऊर्जा में भारत-UAE रणनीतिक बातचीत
बैठक की शुरुआत व्यापार और निवेश से होगी। इसके बाद, रक्षा सहयोग पर चर्चा होगी। ऊर्जा क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने पर जोर रहेगा। नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं पर भी विचार किया जाएगा। विदेश मंत्रालय ने बताया कि यह दौरा प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर हो रहा है। इसलिए इसे आधिकारिक दौरा माना जा रहा है।
भारत और UAE ने 2022 में CEPA समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद कई उत्पादों पर शुल्क घटा दिया गया। नतीजतन, भारतीय इंजीनियरिंग निर्यात बढ़ा। फार्मा और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को भी फायदा हुआ। CEPA ने भारत में UAE निवेश आसान बनाया। 2025 में द्विपक्षीय व्यापार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा। गैर-तेल व्यापार इस दौरान 37.6 अरब डॉलर रहा। 2030 तक 100 अरब डॉलर का लक्ष्य मजबूत दिख रहा है।
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