भारत 18 फरवरी 2026 को विशाखापत्तनम तट पर इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू का आयोजन करेगा। इस कार्यक्रम में भारत अपनी नौसैनिक शक्ति का प्रदर्शन करेगा। भारतीय नौसेना का पहला स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर INS विक्रांत इसमें हिस्सा लेगा। लगभग 60 साल बाद कोई भारतीय एयरक्राफ्ट कैरियर फ्लीट रिव्यू में शामिल होगा। इससे पहले 1966 में मूल INS विक्रांत ने फ्लीट रिव्यू में भाग लिया था।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू फ्लीट रिव्यू में नौसेना की समीक्षा करेंगी। वे INS सुमेधा से कार्यक्रम का निरीक्षण करेंगी। नौसेना ने INS सुमेधा को इस बार प्रेसिडेंट्स यॉट बनाया है। दुनिया भर की 60 से ज्यादा नौसेनाओं ने भागीदारी की पुष्टि की है। भारत ने 137 से अधिक देशों को निमंत्रण भेजा है। IFR को मैरीटाइम डिप्लोमेसी का अहम मंच माना जाता है। इसमें देश अपने युद्धपोत और तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन करते हैं।
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स्वदेशी ताकत का प्रतीक INS विक्रांत
INS विक्रांत 45,000 टन वजनी और 262.5 मीटर लंबा स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर है। इसमें 1600 से ज्यादा नौसैनिक तैनात रहते हैं, जिनमें महिला अधिकारी भी शामिल हैं। यह MiG-29K फाइटर जेट और MH-60R रोमियो हेलीकॉप्टर संचालित कर सकता है। इसके अलावा चेतक, सी किंग और कामोव-31 हेलीकॉप्टर भी इसमें तैनात रहते हैं। भविष्य में फ्रांस से आने वाले 26 Rafale-M नेवल फाइटर इसकी ताकत बढ़ाएंगे। जहाज में Barak-8 मिसाइलों से लैस वर्टिकल लॉन्च सिस्टम मौजूद है। इसमें 76 मिमी गन और CIWS जैसे आधुनिक रक्षा सिस्टम भी लगे हैं। नौसेना इसे “फ्लोटिंग एयरफील्ड” भी कहती है। यह एयर डिफेंस और एंटी-सबमरीन वारफेयर जैसी कई भूमिकाएं निभा सकता है। सर्विलांस और सर्च-एंड-रेस्क्यू मिशन में भी सक्षम है।
2025 में भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान INS विक्रांत अरब सागर में तैनात रहा। ऑपरेशन सिंदूर में इसने अपनी रणनीतिक ताकत साबित की। इस तैनाती ने पाकिस्तानी नौसेना को बेस से बाहर आने से रोका। अब IFR 2026 में यह जहाज भारत की समुद्री क्षमता दुनिया को दिखाएगा। इस आयोजन में कई स्वदेशी युद्धपोत भी शामिल होंगे। इनमें नीलगिरी-क्लास स्टेल्थ फ्रिगेट्स और विशाखापत्तनम-क्लास डेस्ट्रॉयर शामिल हैं। अर्नाला-क्लास ASW कॉर्वेट्स भी कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। 15 से 25 फरवरी तक MILAN 2026 नेवल एक्सरसाइज आयोजित होगी। इसी दौरान IONS चीफ्स कॉनक्लेव भी होगा।
भारत ने पहली बार 1953 में फ्लीट रिव्यू आयोजित किया था। इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2001 में मुंबई में हुआ था। इसके बाद 2016 में विशाखापत्तनम में दूसरा IFR आयोजित हुआ। IFR 2026 भारत की आत्मनिर्भर नौसेना को दुनिया के सामने पेश करेगा। यह इंडो-पैसिफिक में भारत की बढ़ती भूमिका का संदेश देगा। साथ ही वैश्विक मैरीटाइम सहयोग को भी मजबूत करेगा।
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