आज के दौर में भारतीय युवाओं के बीच पार्टी कल्चर और नाइटलाइफ़ का क्रेज तेजी से बढ़ा है। वीकेंड, न्यू ईयर और खास मौकों पर सोशल मीडिया नशे में धुत युवाओं के वीडियो से भर जाता है। लेकिन जश्न की वही रात कब एक दर्दनाक हादसे, भारी पुलिस चालान या किसी शर्मनाक वायरल वीडियो में बदल जाए, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। लड़खड़ाते कदम, दोस्तों के सहारे कार तक पहुंचना या जबरन ड्राइव करने की कोशिश—ऐसी स्थितियां किसी भी पार्टी का मजा किरकिरा कर देती हैं। लेकिन अब पार्टी लवर्स के लिए राहत की बड़ी खबर है। नशे में गाड़ी चलाने (Drink and Drive) के खतरे को खत्म करने के लिए ‘ड्राइवयू’ (DriveU) जैसे प्लेटफॉर्म्स ने ऐसी सर्विस शुरू की है, जो आपको आपकी ही कार में एक वीआईपी की तरह सुरक्षित घर पहुंचाती है।
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चीन मॉडल से प्रेरित, भारत में सेफ्टी की नई पहल
इस सर्विस की प्रेरणा चीन के एक अनोखे मॉडल से मिली है, जिसका वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। चीन में अगर कोई व्यक्ति ज्यादा शराब पी लेता है, तो वह ऐप के जरिए ड्राइवर बुला सकता है। ड्राइवर अपनी फोल्डेबल साइकिल लेकर आता है, उसे कार की डिग्गी में रखता है और फिर ग्राहक को उसकी ही कार में घर छोड़ देता है। वहां यह सेवा अक्सर बीमा के तहत मुफ्त मिलती है।
अब इसी तर्ज पर भारत में भी सुरक्षित ड्राइविंग का मजबूत विकल्प तैयार हो रहा है। हालांकि यह सेवा अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन बदलती सामाजिक आदतों के बीच यह अब सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि जरूरत बनती जा रही है। भारत की सड़कें पहले से ही दुनिया की सबसे असुरक्षित सड़कों में गिनी जाती हैं। ड्राइवयू के सह-संस्थापक और सीईओ रहम शास्त्री ने बताया कि “2024 में भारत में सड़क हादसों में 1.5 लाख से ज्यादा लोगों की जान गई। इनमें कई दुर्घटनाएं शराब के साथ-साथ थकान और नींद की कमी की वजह से भी हुईं।” शास्त्री के मुताबिक, सख्त कानूनों से ज्यादा असरदार होते हैं भरोसेमंद विकल्प। जब लोगों को पता होता है कि एक बटन दबाते ही सत्यापित और पेशेवर ड्राइवर उपलब्ध है, तो वे खुद ड्राइव करने के बजाय जिम्मेदार फैसला लेते हैं।
पार्टी डोंट ड्रिंक एंड ड्राइव’ की बढ़ती स्वीकार्यता, जिम्मेदार ड्राइविंग बना नया ट्रेंड
ड्राइवयू फिलहाल बेंगलुरु, मुंबई, दिल्ली-एनसीआर, कोलकाता, पुणे, हैदराबाद, चेन्नई, कोयंबटूर और मदुरै समेत 10 बड़े शहरों में सेवाएं दे रहा है। कंपनी की ‘डोंट ड्रिंक एंड ड्राइव (DDND)’ सर्विस इसकी सबसे लोकप्रिय पेशकश बन चुकी है। आज प्लेटफॉर्म पर हर चौथी बुकिंग उन लोगों की होती है, जो शराब पीने के बाद गाड़ी चलाने का जोखिम नहीं उठाना चाहते। आंकड़े बताते हैं कि यह जिम्मेदार बदलाव खासतौर पर 28 से 55 वर्ष की उम्र के लोगों में तेजी से दिख रहा है—एक ऐसा वर्ग जो सामाजिक जीवन के साथ-साथ सड़क सुरक्षा को भी गंभीरता से लेता है। नशे की हालत में खतरा सिर्फ एक्सीडेंट तक सीमित नहीं रहता। देर रात असुरक्षित जगहों पर फंसने, लूटपाट या उत्पीड़न का जोखिम भी बढ़ जाता है। ऐसे में एक सत्यापित ड्राइवर न सिर्फ सुरक्षा देता है, बल्कि मानसिक शांति भी प्रदान करता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, जब सख्त निगरानी के साथ सुरक्षित विकल्प उपलब्ध होते हैं, तो रात के समय होने वाली दुर्घटनाओं में 17% और मौतों में 25–30% तक की गिरावट दर्ज की जाती है। आज शराब सामाजिक आयोजनों का हिस्सा बन चुकी है। समस्या इरादे की नहीं, सुविधा और भरोसे की कमी की थी—और यही कमी अब ऐसे प्लेटफॉर्म्स पूरा कर रहे हैं। लाइव ट्रैकिंग, वेरिफाइड ड्राइवर और तुरंत सहायता जैसी सुविधाएं पार्टी के बाद ड्राइवर बुक करना एक स्वाभाविक बैक-अप प्लान बना रही हैं। नतीजा यह है कि सड़क पर निकलने से पहले ही कई संभावित ‘ड्रिंक एंड ड्राइव’ केस रुक जाते हैं, जिससे पूरा सिस्टम ज्यादा सुरक्षित बनता है।


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