विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी और वैश्विक टैरिफ को लेकर बनी अनिश्चितता के चलते निवेशकों का रुझान कमजोर रहा, जिसका असर बुधवार को शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार पर दिखा। उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बीच बीएसई सेंसेक्स 53.88 अंक फिसलकर 83,573.11 के स्तर पर आ गया, जबकि एनएसई निफ्टी 16.55 अंक गिरकर 25,719.25 पर पहुंच गया। इसी दौरान रुपया भी मजबूती दिखाते हुए अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 11 पैसे चढ़कर 90.12 पर कारोबार करता नजर आया।
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में एशियन पेंट्स, टीसीएस, बजाज फिनसर्व, इंटरग्लोब एविएशन, सन फार्मा और अल्ट्राटेक सीमेंट सबसे अधिक नुकसान में रहीं, जबकि टाटा स्टील, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, एनटीपीसी और एक्सिस बैंक ने लाभ कमाया। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225, शंघाई का एसएसई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक उच्च स्तर पर कारोबार कर रहे थे, वहीं अमेरिकी बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुए।
भू-राजनीतिक तनाव और विदेशी बिकवाली से शेयर बाजार सतर्क
विशेषज्ञों का कहना है कि भू-राजनीतिक तनाव, टैरिफ की अनिश्चितता, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और कच्चे तेल की कीमतों में मजबूती के कारण बाजार सतर्क बना हुआ है। एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर के अनुसार, एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद वैश्विक संकेत मिले-जुले हैं और अमेरिकी सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। मेहता इक्विटीज के प्रशांत तापसे ने बताया कि निफ्टी की दिशा प्रमुख समर्थन स्तर पर बनी रहेगी और यह तय करेगा कि बाजार आगे ठोस ब्रेकआउट करेगा या नहीं। मंगलवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 65.15 डॉलर प्रति बैरल रही। वहीं, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 1,499.81 करोड़ रुपये के शेयर बेचे जबकि घरेलू निवेशकों ने 1,181.78 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। इस बीच सेंसेक्स 250.48 अंक गिरकर 83,627.69 और निफ्टी 57.95 अंक फिसलकर 25,732.30 पर बंद हुआ।
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