बिहार चुनाव 2025 में चुनाव आयोग ने धनबल और प्रलोभनों पर सख्त कार्रवाई शुरू की है। चुनाव तारीखों की घोषणा के बाद तीन दिनों में 33.97 करोड़ रुपये की नकदी, शराब, ड्रग्स और मुफ्त सामान जब्त किए गए हैं। आयोग ने उम्मीदवारों के खर्च पर नजर रखने के लिए व्यय पर्यवेक्षक तैनात किए हैं। ये पर्यवेक्षक अपने-अपने क्षेत्रों में चुनावी खर्च और संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी कर रहे हैं।
बिहार चुनाव में प्रवर्तन एजेंसियों को मिले सख्त निर्देश
आयोग ने सभी प्रवर्तन एजेंसियों को दो चरणों में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव और आठ उपचुनावों के लिए निर्देश जारी किए हैं। एजेंसियों को धनबल, मुफ्तखोरी, नशीली दवाओं और शराब के दुरुपयोग पर रोक लगाने को कहा गया है। व्यय निगरानी टीमें चौबीसों घंटे सक्रिय हैं और मतदाताओं को प्रभावित करने वाले किसी भी प्रयास पर नजर रख रही हैं। चुनाव आयोग ने कहा कि व्यय पर्यवेक्षक अपने दौरे के दौरान निगरानी टीमों और उड़न दस्तों से मिलकर रणनीति बना रहे हैं। तीन दिनों में विभिन्न एजेंसियों ने 33.97 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त की है। यह कार्रवाई मतदाताओं को रिश्वत देने या प्रभावित करने के किसी भी प्रयास को रोकने के लिए की जा रही है।
एनडीए ने बिहार चुनाव के लिए सीटों का बंटवारा पूरा कर लिया है। भाजपा और जेडीयू 101-101 सीटों पर, लोजपा (रामविलास) 29 सीटों पर, जबकि रालोमो और हम छह-छह सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। एनडीए का मुकाबला तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले इंडिया ब्लॉक, कांग्रेस और वाम दलों के गठबंधन से होगा। इसके अलावा प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी भी इस बार नए खिलाड़ी के रूप में मैदान में उतरी है।
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