पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने लाल किले के पास हुए धमाके पर विवादित टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कश्मीर का गुस्सा अब राजधानी के प्रतीक स्थल के सामने साफ़ दिखाई देता है। उनके बयान ने सोमवार को नए राजनीतिक विवाद को जन्म दिया और चर्चा बढ़ा दी। BJP ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और मुफ्ती के बयान को अत्यंत गैरजिम्मेदाराना बताया। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि मुफ्ती केंद्र सरकार को बिना आधार निशाना बनाकर राजनीतिक फायदा चाहती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा बयान आतंक फैलाने वालों को अप्रत्यक्ष समर्थन देता दिखता है। BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने दावा किया कि मुफ्ती चरमपंथियों को वैचारिक ढाल देती हैं। भाजपा ने कहा कि ऐसे बयान देश की सुरक्षा स्थिति पर अनावश्यक संदेह खड़ा करते हैं।
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BJP महबूबा मुफ्ती के बयान पर बढ़ा सियासी तनाव
BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया पर मुफ्ती को तीखे शब्दों में आलोचना की। उन्होंने कहा कि आतंकवादी बुरहान वानी का समर्थन करने वाली मुफ्ती अब फिर विवाद खड़ा कर रही हैं। भंडारी ने आरोप लगाया कि मुफ्ती लाल किले धमाके में शामिल चरमपंथियों की indirectly पैरवी करती दिखती हैं। उन्होंने कहा कि मुफ्ती हिंदू-मुस्लिम आधार पर आतंकवाद को जायज़ ठहराने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष ऐसे मुद्दों पर बार-बार आतंकियों के पक्ष में खड़ा दिखाई देता है। उन्होंने पूछा कि विपक्ष आतंकवाद की निंदा करने से लगातार क्यों पीछे हटता दिखता है। भाजपा ने कहा कि ऐसे बयान देश की सुरक्षा चिंताओं को और गंभीर बनाते हैं। प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि जांच पर सवाल उठाना जांच टीम की मेहनत को कमजोर करता है।
महबूबा मुफ्ती ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने कश्मीर की वास्तविक स्थिति को छिपाया है। उन्होंने कहा कि सरकार देश को दिखाना चाहती है कि कश्मीर पूर्ण रूप से शांत है। मुफ्ती ने कहा कि कश्मीर की समस्याएँ अब लाल किले के बाहर खुलकर सामने आती दिखती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र ने जम्मू-कश्मीर को सुरक्षित बनाने का वादा पूरा नहीं किया। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों ने दिल्ली में भी असुरक्षा की भावना बढ़ाई है। उन्होंने कहा कि असली राष्ट्रवादियों को इस स्थिति पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। मुफ्ती ने कहा कि शिक्षित युवाओं का चरमपंथ अपनाना प्रशासन की विफलता दर्शाता है। उन्होंने कहा कि विभाजनकारी राजनीति देश को खतरनाक दिशा में धकेलती है और माहौल बिगाड़ती है।
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भाजपा ने आरोपों को बताया चरमपंथ को बढ़ावा देने वाला रुख
मुफ्ती ने कहा कि देश में ध्रुवीकरण बढ़ने से परिस्थितियाँ और अधिक जोखिमपूर्ण बन गई हैं। उन्होंने कहा कि समाज में बढ़ती नफरत युवाओं को चरमपंथ की ओर धकेलती दिखती है। उन्होंने कहा कि दिल्ली और देश के लोग इस बढ़ते विभाजन के गंभीर परिणाम समझें। मुफ्ती ने कहा कि राजनीतिक दलों को सत्ता की राजनीति छोड़कर राष्ट्रहित पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश कुर्सी से बड़ा होता है और उसे प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विभाजनकारी माहौल पूरे राष्ट्र के सामाजिक ढांचे को बुरी तरह प्रभावित करता है। मुफ्ती ने कहा कि केंद्र को सुरक्षा और शांति पर अधिक ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकार को असंतोष के कारणों को समझकर संवेदनशील समाधान ढूंढने चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा कट्टरपंथ इसलिए चुनते हैं क्योंकि वे खुद को असुरक्षित महसूस करने लगते हैं।
मुफ्ती ने कहा कि चरमपंथ बढ़ने का कारण राजनीतिक ध्रुवीकरण और प्रशासनिक असफलता भी होता है। उन्होंने कहा कि कश्मीर का विषाक्त वातावरण युवाओं को गलत कदम उठाने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि इस माहौल की जिम्मेदारी केवल युवाओं पर नहीं बल्कि नीतियों पर भी होती है। उन्होंने कहा कि सरकार को हालात बिगड़ने की वजहें समझकर सुधारात्मक कदम उठाने चाहिए। भाजपा ने कहा कि मुफ्ती ऐसे बयानों से देश की छवि को नुकसान पहुँचाती हैं। भाजपा ने कहा कि मुफ्ती के बयान सुरक्षा एजेंसियों की मेहनत कमज़ोर करते दिखते हैं। पार्टी नेताओं ने कहा कि आतंकवाद को तर्कसंगत ठहराने की हर कोशिश को सख़्त जवाब देना चाहिए। भाजपा ने कहा कि ऐसी राजनीति राष्ट्रहित के खिलाफ जाती है और भ्रम फैलाती है। भाजपा ने मांग की कि मुफ्ती देश की सुरक्षा पर गैरजिम्मेदाराना टिप्पणी करने से बचें।
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